{"_id":"685b9798b32ee188f9079dd5","slug":"jp-prison-diary-on-emergency-said-nail-driven-deeper-in-coffin-of-indian-democracy-2025-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Emergency: 'भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में कील ठोकी गई', 'जेल डायरी' में जेपी ने आपातकाल पर जानिए क्या-क्या लिखा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Emergency: 'भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में कील ठोकी गई', 'जेल डायरी' में जेपी ने आपातकाल पर जानिए क्या-क्या लिखा
Wed, 25 Jun 2025 12:02 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 25 Jun 2025 12:02 PM IST
सार
जेपी ने 25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान पर जो भाषण दिया, वह अब राजनीतिक इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इसके कुछ घंटे बाद ही आपातकाल लागू कर दिया गया था। आपातकाल में गिरफ्तारी के बाद जेपी ने नजरबंदी के दौरान डायरी लिखी, जिसमें कई अहम बातें लिखीं।
विज्ञापन
जयप्रकाश नारायण
- फोटो : एक्स/ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में ठोकी गई हर कील, मेरे दिल में ठोकी गई कील की तरह है, ये पंक्तियां हैं दिग्गज समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की जेल डायरी की। आपातकाल के दौरान राजनीतिक बंदी रहने के दौरान जयप्रकाश नारायण ने जेल डायरी लिखी थी। उस जेल डायरी में जयप्रकाश नारायण ने आपातकाल से उपजे हालात का बहुत ही मार्मिक वर्णन किया था। आज जब देश में आपातकाल लागू हुए 50 साल का समय बीत गया है तो इस मौके पर आपातकाल के दौर के सबसे प्रमुख नेता जयप्रकाश नारायण का जिक्र करना स्वभाविक है।
जेपी की दिल्ली में ऐतिहासिक रैली वाले दिन ही देश में किया गया आपातकाल लागू
25 जून 1975 को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल लागू करने का एलान किया और इसकी वजह आंतरिक अशांति को बताया गया। 25 जून 1975 के दिन ही जेपी ने दिल्ली के रामलीला मैदान पर ऐतिहासिक रैली की थी। इसी रैली में दिए अपने संबोधन में जेपी ने कहा था कि 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है'। ये पंक्तियां राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता जनतंत्र का जन्म से ली गईं थी। उसी दिन देश में आपातकाल लागू कर दिया गया था। जिसके बाद मीसा (Maintenance of Internal Security Act) कानून के तहत जेपी, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, एलके आडवाणी और अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था।
ये भी पढ़ें- Emergency: 'किस तरह संविधान की भावना का उल्लंघन किया गया? कोई भी भारतीय कभी नहीं भूलेगा'; आपातकाल पर पीएम
विज्ञापन
जेपी ने आपातकाल को लेकर लिखीं थी भावुक बातें
गिरफ्तारी के बाद जेपी को पीजीआई चंडीगढ़ में नजरबंद रखा गया था। इसी नजरबंदी के दौरान जेपी ने जेल डायरी लिखी थी, जिसमें जेपी ने लिखा कि उन्होंने लिखा, 'मेरी दुनिया मेरे चारों ओर बिखरी हुई है। मुझे डर है कि मैं अपने जीवनकाल में इसे एक साथ नहीं देख पाऊंगा। बीते दो दिनों से लिखने का मन नहीं था। भारतीय लोकतंत्र में ठोकी गई हर कील, मेरे दिल में ठोकी गई कील की तरह है। मैंने अपने दिल की खोज की है और मैं सच में कह सकता हूं कि अगर मैं अभी मर भी जाऊं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी।'
गुजरात के छात्र आंदोलन से पड़ी नींव
जेपी ने 25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान पर जो भाषण दिया, वह अब राजनीतिक इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इसके कुछ घंटे बाद ही आपातकाल लागू कर दिया गया था। इसके अगले दिन 26 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने देश को संबोधित किया। इंदिरा गांधी का यह भाषण भी आज इतिहास का हिस्सा है। आपातकाल को देश के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, गुजरात में तत्कालीन चिमनभाई पटेल की सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन को आपातकाल की अहम घटना माना जाता है क्योंकि जेपी ने इस छात्र आंदोलन से प्रेरित होकर ही इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ बिहार में मोर्चा खोल दिया। जिससे गुजरात से लेकर बिहार और फिर पूरे देश में इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ माहौल बन गया। जिसकी परिणिति आपातकाल के रूप में हुई।
ये भी पढ़ें- 50 Years of Emergency: 50 साल पहले आज के दिन ही देश को झेलना पड़ा था आपातकाल, जानें इसके पीछे की
विज्ञापन
जेपी की दिल्ली में ऐतिहासिक रैली वाले दिन ही देश में किया गया आपातकाल लागू
25 जून 1975 को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल लागू करने का एलान किया और इसकी वजह आंतरिक अशांति को बताया गया। 25 जून 1975 के दिन ही जेपी ने दिल्ली के रामलीला मैदान पर ऐतिहासिक रैली की थी। इसी रैली में दिए अपने संबोधन में जेपी ने कहा था कि 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है'। ये पंक्तियां राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता जनतंत्र का जन्म से ली गईं थी। उसी दिन देश में आपातकाल लागू कर दिया गया था। जिसके बाद मीसा (Maintenance of Internal Security Act) कानून के तहत जेपी, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, एलके आडवाणी और अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Emergency: 'किस तरह संविधान की भावना का उल्लंघन किया गया? कोई भी भारतीय कभी नहीं भूलेगा'; आपातकाल पर पीएम
विज्ञापन
जेपी ने आपातकाल को लेकर लिखीं थी भावुक बातें
गिरफ्तारी के बाद जेपी को पीजीआई चंडीगढ़ में नजरबंद रखा गया था। इसी नजरबंदी के दौरान जेपी ने जेल डायरी लिखी थी, जिसमें जेपी ने लिखा कि उन्होंने लिखा, 'मेरी दुनिया मेरे चारों ओर बिखरी हुई है। मुझे डर है कि मैं अपने जीवनकाल में इसे एक साथ नहीं देख पाऊंगा। बीते दो दिनों से लिखने का मन नहीं था। भारतीय लोकतंत्र में ठोकी गई हर कील, मेरे दिल में ठोकी गई कील की तरह है। मैंने अपने दिल की खोज की है और मैं सच में कह सकता हूं कि अगर मैं अभी मर भी जाऊं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी।'
गुजरात के छात्र आंदोलन से पड़ी नींव
जेपी ने 25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान पर जो भाषण दिया, वह अब राजनीतिक इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इसके कुछ घंटे बाद ही आपातकाल लागू कर दिया गया था। इसके अगले दिन 26 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने देश को संबोधित किया। इंदिरा गांधी का यह भाषण भी आज इतिहास का हिस्सा है। आपातकाल को देश के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, गुजरात में तत्कालीन चिमनभाई पटेल की सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन को आपातकाल की अहम घटना माना जाता है क्योंकि जेपी ने इस छात्र आंदोलन से प्रेरित होकर ही इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ बिहार में मोर्चा खोल दिया। जिससे गुजरात से लेकर बिहार और फिर पूरे देश में इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ माहौल बन गया। जिसकी परिणिति आपातकाल के रूप में हुई।
ये भी पढ़ें- 50 Years of Emergency: 50 साल पहले आज के दिन ही देश को झेलना पड़ा था आपातकाल, जानें इसके पीछे की
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन