भारत-बांग्लादेश: आर्थिक संबंध होंगे मजबूत, व्यापार समझौते पर संयुक्त अध्ययन को जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप
संयुक्त अध्ययन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध को और मजबूत करना है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और बांग्लादेश के वरिष्ठ वाणिज्य सचिव तपन कांति घोष के बीच इसी सप्ताह एक बैठक हुई थी। जिसमें इस पर सहमति बनी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर एक संयुक्त अध्ययन को जल्द अंतिम रूप देंगे। इसमें दोनों देश द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते की संभावनाएं तलाशेंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को दी। इस संयुक्त अध्ययन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध को और मजबूत करना है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और बांग्लादेश के वरिष्ठ वाणिज्य सचिव तपन कांति घोष के बीच इसी सप्ताह एक बैठक हुई थी। जिसमें इस पर सहमति बनी है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों ने रेल और बंदरगाह इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास, समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के संयुक्त अध्ययन पर बातचीत की। इतना ही नहीं इस दौरान वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और बांग्लादेश के वरिष्ठ वाणिज्य सचिव तपन कांति घोष के बीच बार्डर हाट, मल्टी-मोडल परिवहन के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क, परस्पर मान्य समझौतों सहित आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श भी हुआ।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, बांग्लादेश भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे से व्यापार करने के लिए सिराजगंज बाजार में एक कंटेनर हैंडलिंग सुविधा के विकास के लिए विस्तृत परियोजना प्रस्ताव (डीपीपी) को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच मालगाड़ियों के संचालन के लिए बेनापोल में 900 मीटर की नई साइडिंग लाइन का निर्माण किया गया है।