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अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय एल्युमनाई फ्रंट ने की मांग, कहा-गांधी और जिन्ना दोनों सम्मानित
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 11 May 2018 01:37 AM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की फोटो 80 साल से हैं और यह इतिहास का हिस्सा है, जिसे कोई नहीं बदल सकता है। जिन्ना के नाम पर एएमयू के नाम को खराब किया जा रहा है, जिससे आपसी मतभेद पैदा हो रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार को बंटवारे के इतिहास से हो रही छेड़छाड़ पर श्वेत लाना चाहिए।
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दिल्ली में बृहस्पतिवार को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय एल्युमनाई फ्रंट के सदस्य, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और इग्नू के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. बसीर अहमद खान ने कहा कि जिन्ना मामले के बाद एएमयू में मतभेद उभर रहा है। इस मामले के चलते एएमयू के नाम को खराब करने की कोशिश हुई। इसलिए सरकार को श्वेत पत्र के माध्यम से जानकारी देनी चाहिए या फिर इतिहास से छेड़छाड़ न करें।
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प्रो. खान ने कहा कि महात्मा गांधी और मोहम्मद अली जिन्ना दोनों की देशों में सम्मानित हैं। पाकिस्तान का बनना तीन पार्टियों डके चलते हुआ, लेकिन बंटवारे के कारण का आरोप सिर्फ जिन्ना पर लगाना गलत है। पाकिस्तान के बनाने का फैसला ब्रिटिश सरकार, कांग्रेस और ऑल इंलडिया मुस्लिम लीग का फैसला था। फ्रंट का कहना है कि वे इस मामले में राष्ट्रपति से भी बात करेंगे।
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