शाही में बेची गई झारखंड की लड़की, तीन दिन से रम्पुरा के एक घर में थी बंधक
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बरेली जिले में मानव तस्करी का एक और मामला सामने आया है। शाही के रम्पुरा गांव से पुलिस ने झारखंड की एक 18 वर्षीय लड़की बरामद की है। नौकरी लगवाने के बहाने लड़की के गांव का ही युवक उसे दिल्ली लाया। दिल्ली से एक व्यक्ति उसे रम्पुरा लाया।
वहां एक कोठरी में बृहस्पतिवार रात चार लड़कों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। लड़की के मुताबिक रात में ही 50 हजार रुपये में उसे बेचा गया था। शुक्रवार को किसी तरह वह घर की छत पर पहुंची और वहां से कूदकर प्रधान के घर पहुंच गई। उसके घर से निकलते ही मकान मालिक और उसका पूरा परिवार घर छोड़कर भाग गया है।
लड़की को महिला थाने भेजा गया है। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करने में ही पुलिस ने कई घंटे लगा दिए। झारखंड के एक गांव की लगभग 18 साल की लड़की दसवीं में पढ़ती है। उसके अनुसार बृहस्पतिवार रात राजाराम के घर की कोठरी में चार लड़कों ने उसके साथ बलात्कार किया। विरोध करने पर लात-घूंसों से पिटाई भी की। राजाराम की पत्नी पर भी दरिंदों का पूरा साथ देने का आरोप लगाया।
प्रधान की पत्नी से गुहार लगाई तो उसे शरण मिल गई
लड़की शुक्रवार दोपहर दो बजे किसी तरह मकान की छत पर पहुंच गई और दस-बारह फुट ऊंची छत से पड़ोसी के घर में कूद गई। वहां से भागकर प्रधान अजीज खां के घर पहुंची। ऊंचाई से गिरने से उसके शरीर में चोट भी आ गई। प्रधान की पत्नी से गुहार लगाई तो उसे शरण मिल गई।
प्रधान अजीज खां साढ़े तीन बजे बरेली से पहुंचे और एसओ शाही हरचरन सिंह यादव को फोन से इत्तिला दी लेकिन एसओ ने झंझट से बचने के लिए लड़की को घर पर ही रखने की सलाह दे दी। सीओ मीरगंज गिरीश कुमार सिंह के संज्ञान में मामला आया तो शाम साढ़े सात बजे उनकी फटकार के बाद एसओ हरकत में आए और चार-पांच पुलिस वालों को साथ लेकर प्रधान के घर पहुंचे।
वहां से लड़की को थाने ले आए। देर शाम लड़की की तहरीर पर राजाराम के खिलाफ अपहरण और मानव तस्करी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दिल्ली छोड़ गया गांव का युवक, दो और औरतों को बेच चुका है राजाराम
लड़की को उसके ही गांव का सहदेव अच्छी नौकरी लगवाने का झांसा देकर कुछ दिन पहले दिल्ली ले आया और लावारिस हालत में छोड़ गया। कई दिन दिल्ली की सड़कों पर भटकने के बाद उसे एक कोठी में झाड़ू-पोंछा का काम मिला था लेकिन वह काम भी छूट गया।
लड़की के अनुसार 30 अगस्त को वह घर वापस जाने के लिए दिल्ली जंक्शन पर ट्रेन का इंतजार कर रही थी। इसी बीच एक बुजुर्ग ने खुद भी झारखंड का होने की बात कहकर अपनापन जताया और दुकान से लाकर कोल्डड्रिंक पीने को दी। कोल्ड ड्रिंक पीते ही वह बेहोश हो गई। 31 अगस्त को जब होश आया तो वह रम्पुरा में राजाराम की अंधेरी कोठरी में कैद थी। राजाराम मानव तस्करी से जुड़े माफियाओं का गुर्गा बताया जाता है।
कई गांव वालों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राजाराम इससे पहले दो और बाहरी औरतों को बेच चुका है। प्रधान अजीज खां ने भी इसकी तस्दीक की है। उन्होंने बताया कि रात में 12-12 बजे तक राजाराम फोन पर ग्राहकों से घंटों बात कर बाहर से लाई गई लड़कियों, औरतों का सौदा पटाता था।