जदयू की बैठक: 2019 में भाजपा के साथ जारी रहेगा गठबंधन, जल्द खत्म होगी सीटों की खींचतान
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जदयू ने अपनी बैठक में साफ कर दिया है कि वो 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ है। हालांकि सीटों के बंटवारे पर अभी स्थिति साफ नहीं हुई है। बिहार में एनडीए के प्रमुख घटक दल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने जब से चार राज्यों में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तब से भाजपा से उसके संबंधों में दरार की संभावनाओं को काफी बल मिला।
माना जा रहा था कि नीतीश कुमार एक बार फिर से भाजपा का साथ छोड़ महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं। लेकिन इन अटकलों के बाद अब बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान खत्म होने के संकेत मिल रहे हैं।
दिल्ली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी, राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह और वशिष्ठ नारायण सिंह सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बैठक में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसके बाद नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी की मौजूदा स्थितियों को स्पष्ट किया। शनिवार को उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की थी।
जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पार्टी की भलाई के लिए कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत करने के संबंध में भी प्रस्ताव पास किया गया। खबरें हैं कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अगले हफ्ते बिहार दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान शाह बिहार के सीएम नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं की मुलाकात में सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लग सकती है।
बैठक में बिहार के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान को लेकर भी नाराजगी जताई। बता दें कि गिरिराज सिंह ने शनिवार को बिहार दंगे के आरोपियों के मुलाकात के दौरान बिहार सरकार पर हिंदुओं को दबाने की मानसिकता रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'जिस तरह से जीतूजी और कैलाशजी को फंसाया गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जब वर्ष 2017 में रामनवमी के दौरान तनाव व्याप्त हुआ था तो उन्होंने क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल रखने के लिए प्रयास किया था। अकबरपुर में जब मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़ दी गई थी, तब उन्होंने ऐसा ही किया।'
बिहार में बड़ी जीत दर्ज करेंगे
इस बीच पार्टी के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि वे 2019 में एनडीए के साथ मजबूती के साथ खड़े रहेंगे और बिहार में बड़ी जीत दर्ज करेंगे। सीटों के वितरण के सवाल पर अजय आलोक ने कहा कि बिहार के अंदर भाजपा और जदयू के साथ-साथ रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा भी एक सहयोगी हैं। इसलिए सीटों पर तालमेल की बात भी सभी सहयोगियों को साथ लेकर ही तय की जाएगी।
बिहार के अंदर एनडीए गठबंधन को कौन लीड करेगा, इस सवाल पर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में बीजेपी नेता सुशील मोदी ने स्वयं यह बात मीडिया के सामने कह दिया है कि बिहार में जदयू बड़े भाई की भूमिका निभाएगा। इतने बड़े नेता के इतने स्पष्ट बयान के बाद किसी को इस बात में गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि बिहार में गठबंधन को कौन लीड करेगा।
राजद के द्वारा नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन का दरवाजा बंद करने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय आलोक ने कहा कि उन्होंने किसी के पास कोई प्रार्थना पत्र नहीं भेजा है कि उन्हें किसी गठबंधन में शामिल होना है, इसलिए किसी की बयानबाजी का कोई मतलब नहीं है।
गौरतलब है कि जदयू ने चार राज्यों में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान पर भाजपा को जो तेवर दिखाया था, उससे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के साथ उसके गठबंधन की संभावनाओं को नि:संदेह ही बल मिला। हालांकि जदयू इस बात को खारिज कर चुका है कि वो फिर से महागठबंधन में शामिल होगा।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बिहार की 40 सीटों में से 22 मिली थी। दो पर जद(यू) के उम्मीदवार चुनाव जीते थे। यह चुनाव शरद यादव और नीतीश कुमार की जद(यू) ने अकेले दम पर लड़ा था। ठीक ऐसे ही पार्टी ने अब देशभर में अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है।