Karnataka: वंशवाद के आरोपों के बीच कुमारस्वामी का बड़ा एलान, बोले- बेटा नहीं लड़ेगा कर्नाटक विधानसभा चुनाव
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 32 वर्षीय निखिल कुमारस्वामी पार्टी की जीत की दिशा में काम करेंगे। एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि 'किसने कहा कि निखिल चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने लगभग 30-40 निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी को संगठित करने की दिशा में काम करने का फैसला किया है। निखिल विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।'
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कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में वहां सभी पार्टियों ने अभी से अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी बीच, जनता दल (सेक्युलर) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (hd kumaraswamy) ने बेटे निखिल कुमारस्वामी (Nikhil kumaraswamy) को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने अगले साल होने वाले चुनावों में निखिल की भागीदारी को लेकर तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को कहा कि उनके बेटे और पार्टी की युवा शाखा के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी कर्नाटक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव(karnataka assembly polls) नहीं लड़ेंगे।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 32 वर्षीय निखिल कुमारस्वामी पार्टी की जीत की दिशा में काम करेंगे। एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि 'किसने कहा कि निखिल चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने लगभग 30-40 निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी को संगठित करने की दिशा में काम करने का फैसला किया है। निखिल विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
दरअसल, पार्टी हलकों में कुछ अटकलें थीं कि इस बार चुनावों में कुमारस्वामी रामनगर से चुनाव लड़ सकते हैं और अभिनेता से राजनेता बने निखिल के लिए रास्ता बनाने के लिए अपनी चन्नापटना सीट छोड़ सकते हैं। इसके अलावा इस बात की भी अटकलें थीं किउनकी पत्नी अनीता कुमारस्वामी इस बार चुनाव नहीं लड़ सकती हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में वर्तमान में अनीता कुमारस्वामी रामनगर का प्रतिनिधित्व करती हैं।
वहीं, पार्टी के कुछ नेताओं ने यह भी दावा किया था कि निखिल की दिलचस्पी मांड्या से अगला लोकसभा चुनाव लड़ने और जीतने में ज्यादा है। बता दें कि निखिल ने 2019 का लोकसभा चुनाव पार्टी गढ़ से मांड्या से लड़ा था। उस चुनाव में वह भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुमलता अंबरीश से हार गए थे। जद (एस) ने पिछला लोकसभा चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ा था।
निखिल को लेकर एचडी कुमारस्वामी ने ये एलान उस वक्त किया है जब जद (एस) को अक्सर 'वंशवाद की राजनीति' के लिए आलोचना का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, जद (एस) को 'पारिवारिक पार्टी' भी कहा जाता है, क्योंकि पार्टी के संरक्षक देवेगौड़ा के परिवार के कम से कम आठ सदस्य राजनीति में हैं।
कुमारस्वामी ने हाल ही में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि यह इस साल दिसंबर में हो सकता है। इस बार जद (एस) ने स्वतंत्र रूप से सरकार बनाने का लक्ष्य रखा है। जद (एस) ने विधानसभा चुनावों में 224 में से 123 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।