फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   JDS denies the proposal of two Deputy Chief Minister of Congress

कांग्रेस के दो उपमुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर जदएस का इनकार

Tue, 22 May 2018 08:58 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Tue, 22 May 2018 08:58 AM IST
विज्ञापन
JDS denies the proposal of two Deputy Chief Minister of Congress
कांग्रेस, जेडीएस

कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार रात सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान तीनों नेताओं ने कर्नाटक में मंत्रिमंडल गठन और दोनों पार्टियों के बीच पोर्टफोलियो बंटवारे पर चर्चा की।

विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने संतुलन बनाए रखने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाने पर जोर दिया, लेकिन जदएस ने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जी. परमेश्वरा सबसे आगे हैं। राहुल गांधी के तुगलकाबाद स्थित आवास पर हुई बैठक में मंत्रिमंडल गठन पर 20 मिनट चर्चा हुई। 
विज्ञापन


बैठक से पहले कुमारस्वामी ने कहा था कि दोनों पार्टियों के बीच किसी तरह की सौदेबाजी नहीं होगी। दोनों साथ मिलकर काम करेंगे। वह कांग्रेस नेतृत्व से सलाह लेने आए हैं। बैठक के बाद जदएस नेता ने बताया कि उन्होंने राहुल और सोनिया को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है और दोनों बंगलूरू पहुंच रहे हैं। उनके अलावा कर्नाटक प्रभारी केसी वेणुगोपाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले कुमारस्वामी ने कहा कि जदएस और कांग्रेस राज्य को स्थिर व मजबूत सरकार देंगे। कुमारस्वामी 23 मई को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात कर लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय दलों की भूमिका पर चर्चा की। जदएस ने कर्नाटक में विधानसभा चुनावों से पहले ही बसपा के साथ, जबकि कांग्रेस से चुनाव बाद गठबंधन किया था।

राहुल गांधी ने कुमार स्वामी के साथ मुलाकात के पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के रणनीतिकारों अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद और राज्य के प्रभारी केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक कर सरकार में कांग्रेस की भूमिका एक खाका खींचा है। जिसे मंगलवार की बैठक में जद एस के साथ अंतिम रूप दिया जाना है। कांग्रेस कतई नहीं चाहती है कि पहले से मंत्रियों के नामों की घोषणा हों और पार्टी में मतभेत उभरें।


दोनों ही पार्टियां फ्लोर टेस्ट के बाद मंत्रिमंडल विस्तार के फार्मूले पर तैयार हैं। साझा सरकार में दलित और मुस्लिमों की भागीदारी के साथ लिंगायत समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना भी दोनों पार्टियों के लिए जरूरी हो गया है। कांग्रेस से लिंगायत समुदाय के 14 और जद एस से 4 विधायक चुनाव जीतकर आए हैं। वहीं वीरशैव महासभा की ओर से भी लिंगायत समुदाय की भागीदारी का दबाव बनने लगा है। दलित और लिंगायत समुदाय के बीच विधायक के बीच उपमुख्यमंत्री की कुर्सी का फैसला भी होना है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed