तमिलनाडु: जयललिता की भतीजी की राजनीति में एंट्री, फूट-फूटकर रोईं शशिकला
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तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी एआईएडीएमके में चल रही वर्चस्व की लड़ाई में नया मोड़ आ गया है। दिवंगत मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके की सुप्रीमो जयललिता की भतीजी दीपा जयाकुमार मंगलवार रात को पन्नीरसेल्वम के खेमे में दिखाई दीं। दीपा और पन्नीरसेल्वम रात को चेन्नई के मरीना बीच स्थित जयललिता की समाधि पर एक साथ गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु की सियासत में नए समीकरणों के कयास और तेज कर दिए हैं। मीडिया ने जब दीपा से पूछा कि राजनीति में क्या ये आपकी ऑफिशियल एंट्री है? तो, दीपा ने हां में जवाब दिया।
Yes, it is: Jayalalithaa's niece Deepa Jayakumar on being asked if this is her official entry into politics #TamilNadu pic.twitter.com/HWcKD9GoFG
— ANI (@ANI_news) February 14, 2017विज्ञापन
दूसरी ओर देर रात विधायकों को संबोधित करते हुए शशिकला भावुक हो गईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा, 'मैं इस बात से बेहद संतुष्ट हूं कि मुसीबतों के बाद भी विधायक मेरा समर्थन कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि राज्यपाल जल्द ही हमें सरकार बनाने के लिए न्यौता भेजेंगे।'
शशिकला ने नम आंखों से कहा, 'कोई ताकत मुझे एआईडीएमके से अलग नहीं कर सकती। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं कहा हूं। मैं हमेशा अपनी पार्टी के बारे में सोचती रहूंगी।'
#VKSasikala breaks down while speaking; says "no force can separate me from AIADMK; no matter where I'll be, I'll always think about party." pic.twitter.com/ADnuVA77Ul
— ANI (@ANI_news) February 14, 2017
शशिकला को 4 साल की कैद की सजा
सुप्रीम कोर्ट ने अन्नाद्रमुक प्रमुख वीके शशिकला के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने का सपना चकनाचूर कर दिया है। शीर्ष अदालत ने उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और साजिश करने का दोषी मानते हुए चार साल की कैद की सजा के अलावा अगले दस वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है और तत्काल समर्पण करने का आदेश जारी किया।
शीर्ष अदालत का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब जयललिता के निधन के बाद राज्य में सत्ता संघर्ष चरम पर है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए और निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल की कैद की सजा सुनाई। निचली अदालत ने 19 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में जयललिता के अलावा इन तीनों को सजा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने शब्दश: बरकरार रखा है।
नए फैसले के मुताबिक, 60 वर्षीया शशिकला को अब साढ़े तीन साल जेल में ही बिताने होंगे क्योंकि छह महीने की सजा वह पहले ही काट चुकी हैं। विशेष अदालत ने जयललिता और तीन अन्य को 53.60 करोड़ रुपये की बेहिसाबी संपत्ति का दोषी पाया था। सीबीआई का आरोप था कि इन चारों की बेहिसाबी संपत्ति 66.65 करोड़ रुपये थी।
शीर्ष अदालत ने शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों- जयललिता के दत्तक पुत्र वीएन सुधाकरण तथा शशिकला के बड़े बेटे की विधवा एलावर्सी- को बंगलूरू की निचली अदालत में तत्काल समर्पण करने का आदेश दिया ताकि उन सभी को कानून के मुताबिक बाकी सजा काटने का आदेश जारी किया जा सके। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि शशिकला कब समर्पण करेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर 2014 को दिए ट्रायल कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से अपनी मुहर लगा दी है। यानी तीनों को 10 लाख का जुर्माना भरना होगा और 6 पोंजी कंपनियों की संपत्तियां भी जब्त होंगी। शशिकला 1996 में जेल गई थीं जब उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और फिर 2014 में जब विशेष अदालत ने चार साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी, तब भी वह जेल गई थीं। उस समय जयललिता को चार साल की कैद और 100 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।