बोलने के लिए मशीन का इस्तेमाल कर रही हैं जयललिता, सांस लेना हुआ आसान
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अपोलो अस्पताल के चेयरमैन प्रताप रेड्डी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा,'जयललिता 90 प्रतिशत सांस खुद ले रही है और बोलने के लिए वे अस्थायी तौर पर मशीन का इस्तेमाल कर रही हैं।' प्रताप रेड्डी ने कहा कि जिन अंगों में गंभीर समस्या थी अब वे परेशानी दूर हो चुकी है। लेकिन उनके गले में ट्रेकियोस्टोमी ट्यूब अब भी है।
उन्होंने कहा,'ट्रेकियोस्टोमी की वजह से जयललिता बोल नहीं पा रही हैं।' जब रेड्डी से पूछा गया कि ट्रेकियोस्टोमी के कारण क्या जयललिता को भाषण देने में दिक्कत आ सकती है। रेड्डी ने कहा कि जयाललिता जल्द ही बोलने लगेंगी। प्रताप रेड्डी ने इस बात की भी पुष्टि की है कि जयललिता को अब अलग वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है जहां वे अच्छा महसूस कर रही हैं।
जयललित को 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था
गौरतलब है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता को 22 सितंबर को बुखार और डिहाड्रेशन के बाद इलाज के लिए चेन्नई के पोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने शुरुआती दिनों में कहा था कि जयललिता की हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें अस्पताल से जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी।
हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जयललिता की हालत काफी नाजुक है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से तमिलनाडु सरकार का काम वित्तमंत्री ओ पनीरसेल्वम देख रहे हैं।