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Jayalalithaa Death: जयललिता के इलाज में नहीं मिली कोई गड़बड़ी, पहले से कई बीमारियों से थीं ग्रसित

Sun, 21 Aug 2022 12:23 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sun, 21 Aug 2022 12:23 PM IST
सार

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। कहा जा रहा था कि उनके इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस बीच एम्स के डॉक्टरों के पैनल ने अपनी रिपोर्ट पेश की है। 

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Jayalalithaa death reason: AIIMS medical board says no errors have been found in medical practice
जयललिता - फोटो : facebook

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एम्स के पैनल ने तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता के इलाज में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने से इंकार किया है। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने से पहले जयललिता डायबटीज, चक्कर आने, सूजन, चिड़चिड़ेपन, हाइपोथायरायड और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों से ग्रसित थीं। 

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दरअसल, बीमार होने के बाद जयललिता को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उनकी मौत हो गई थी। 30 नवंबर, 2021 को जयललिता के मौत का कारण जानने के लिए न्यायमूर्ति अरुमुगासामी आयोग की सहायता के लिए छह सदस्यी पैनल गठित किया गया था। 
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अंगूर, केक और मिठाई खा रहीं थीं जयललिता 
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप सेठ के नेतृत्व में बने पैनल ने अपोलो अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड्स की छानबनी की। इसके साथ ही रेडियोलॉजी से संबंधित जांच के रिकॉर्ड भी खंगाले गए। पैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने से पहले जयललिता अंगूर, केक और मिठाइयां खा रहीं थीं।  डॉ. शिवकुमार ने 19 सितंबर, 2016 को जयललिता के स्वास्थ्य की जांच की थी। 
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22 सितंबर, 2016 को हुईं थीं भर्ती 
रिपोर्ट में कहा गया है कि 22 सितंबर, 2016 को सीएम हाउस में एंबुलेंस बुलाई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल में भर्ती कराने से पहले जांच में डॉक्टरों ने पाया कि जयललिता अपने होश में नहीं। उनका ब्लड प्रेशर और नब्ज भी अस्थिर थी। 


चार दिसंबर को पड़ा था कार्डिएक अरेस्ट 
पैनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि जयललिता का अपोलो अस्पताल में सही तरीके से इलाज चल रहा था। उन्हें चार दिसंबर, 2016 को कार्डिएक अरेस्ट पड़ा था। इसके बाद पांच दिसंबर को अपोलो और एम्स के डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।  

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