फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   jawahar bagh mathura : officer alerted mukul dwivedi andhad left the field

जवाहर बाग: एक अफसर ने मुकुल को सतर्क कर खुद छोड़ दिया था मैदान

Sun, 12 Jun 2016 04:28 AM IST
शादाब रिजवी/ अमर उजाला, मथुरा
शादाब रिजवी/ अमर उजाला, मथुरा Updated Sun, 12 Jun 2016 04:28 AM IST
विज्ञापन
jawahar bagh mathura : officer alerted mukul dwivedi andhad left the field
- फोटो : Getty Images

 जवाहर बाग में शहीद हुए एसपी सिटी को छोड़ कर भागने की तोहमत भले ही उनके हमराहों  (पुलिसकर्मियों )पर लग रही हो लेकिन पुलिस वाले एक सीनियर अफसर को भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।  अनुशासन की बेड़ी में बंधे पुलिस वाले खुलकर बोलने से बचते हैं, लेकिन एक पुलिसकर्मी  की बात पर यकीन किया जाए तो उसका कहना है कि जब भीड़  का सामना हो गया तब एसपी सिटी के इस समकक्ष अफसर ने मुकुल द्विवेदी को भीड़ से सतर्क  रहने का आगह तो किया  लेकिन खुद मोर्चा छोड़ किनारे हो गया।  इस अफसर की भूमिका को जांच केदायरे में रखे जाने की बात खाकीधारी करने  लगे हैं।

विज्ञापन

 
दरअसल, एक पुलिस कर्मी की बातों पर यकीन किया जाए तो कायरता दिखाने के आरोप झेल रहे जवाहर बाग आपरेशन  में शामिल पुलिस कर्मचारी अब अपने साथियों केबीच जवाहर बाग की बातों को शेयर करने लगे हैं।  इस पुलिस कर्मी  का कहना है कि मुकुल द्विवेदी के  हमराहों और एक सीओ के खिलाफ कार्रवाई कभी भी हो सकती है लेकिन मुकुल द्विवेदी का साथ तो वहां मौजूद एक समकक्ष अफसर ने भी नहीं दिया।  अगर सिपाही की बात पर यकीन किया जाए  तो और भी बातें सामने आ रही है।
विज्ञापन


बताया जा रहा है जिस समय फोर्स  को जवाहर बाग आपरेशन  के लिए भेजने की बात आई उस समय ही कई पुलिस वालों ने  जिले केपुलिस और प्रशासन के आला अफसरों  को साथ लेने की मंशा भी जाहिर की थी, लेकिन उनकी बात को सुना नहीं गया।  दरअसल, दो दिन पहले भी पुलिस को जवाहर बाग से जान बचाकर भागना पड़ा था।  
विज्ञापन
विज्ञापन


तो जल्दबाजी में अनदेखी हुई 
दिन गुजरने के साथ ही  पुलिस कार्रवाई पर जैसे ही सवाल उठने शुरू हुए तब यह बात भी सामने आ रही है कि जल्दबाजी में  नियमों  भी अनदेखी पुलिस केस्कर सु हुई। दरअसल,  किसी भी आपरेशन से पहले, चाहे वहां हिंसा हो, दंगा हो, अतिक्रमण हटाने का मामला हो, कार्रवाई करने जाने से पहले पुलिस का बाकायदा डयूटी चार्ट  तैयार होता है। लीडर तय होता है। कोई अनहोनी होने पर लीडर के बाद नेतृत्व कौन करेगा, भीड़ को काबू करने में क्या क्या कदम उठाए जाए, आश्रूगैस के गोले कब प्रयोग में लाए जाए, वाटर कैनन का सहारा कब लिया जाए, कैसी स्थिति पैदा होने पर फायङ्क्षरग की जाए , फायरिंग आत्मरक्षार्थ  की जाए, या जवाबी। अब पुलिस कर्मियों  से चर्चा करने पर वह बताते हैं कि  आपरेशन से पहले सटीक ब्रीफिंग नही  की गई। 


असलियत जानने को एमपी पुलिस भी जांच में जुटी 
मध्यप्रदेश के रीवा के पुलिस टीम भी जवाहर बाग कांड का सच जानने की कोशिश कर रही है। रीवा में  घायल भर्ती है।  कब्जेधारियों  की भीड़ में  शामिल वहां  के ज्यादा लोग थे। एमपी की स्पेशल ब्रांच के दारोगा रामकृष्ण सिंह और सिपाही अरविंद पचौरी शुक्रवार से मथुरा में हैं। उन्होंने जवाहर बाग पर मौजूद पुलिस अफसरों  से घटना की जानकारी ली। घटनास्थल देखा भी। एमपी के  दारोगा रामकृष्ण ने बताया कि एसपी रीवा दुर्गेश राठौर के निर्देश पर मथुरा आए है।  एसपी ने रीवा में भर्ती  घायलों से बात भी की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed