Jammu Kashmir: पाकिस्तान में मुशाल मलिक ने फिर रची साजिश, मुजफ्फराबाद से श्रीनगर तक तैयार किया 'प्लान 370'
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विस्तार
कश्मीर में अनुच्छेद 370 मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर बड़ी साजिशों को अंजाम देने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने न सिर्फ अपने देश, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से घाटी में माहौल खराब करने के लिए साजिशें रचनी शुरू कर दी हैं। इसके लिए बकायदा सोशल मीडिया से लेकर कश्मीर घाटी के भीतर सक्रिय स्लीपर सेल के आतंकियों को भी पाकिस्तान आतंकवादियों ने संदेश भेजा है। जानकारी इस बात की भी मिली है कि दिल्ली की जेल में बंद आतंकी यासीन मलिक की पत्नी मुशाल ने इस्लामाबाद से इस पूरे मामले में माहौल बनाने की नींव रखी है। मुशाल मलिक ने अपने संदेश में मुजफ्फराबाद से लेकर श्रीनगर के भीतर संगठन में नए लोगों को जोड़ने और उनको आगे बढ़ाने का नया मिशन शुरू करने की योजना बनाई है। वहीं इसके अलावा घाटी में मौजूद कुछ आतंकी संगठनों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी खुफिया एजेंसियों को मिली है।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद पाकिस्तान बौखलाया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक इस फैसले के बाद पाकिस्तान के कई आतंकी संगठनों के साथ-साथ उनका समर्थन करने वाले तथाकथित सामाजिक संगठन साजिशों को बढ़ाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा माहौल खराब करने के लिए घाटी के आतंकी यासीन मलिक की पत्नी मुशाल मलिक ने मोर्चा संभाला है। जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विशेष सलाहकार और आतंकी यासीन मलिक की पत्नी मुशाल मलिक ने कश्मीरियों को भड़काने के लिए साजिशों के तौर पर अलग-अलग माध्यम से संदेश आगे बढ़ाए हैं। पता यही चला है कि मुजफ्फराबाद से लेकर घाटी के अलग-अलग संगठनों में युवाओं की भर्तियां की जाएं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुशाल मलिक ने घाटी में पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह को खुला संदेश भी दिया है। जिसमें अलगाववादियों और आतंकवादियों को अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए कहा गया है। यही नहीं मुशाल मलिक के साथ-साथ कश्मीर घाटी के युवाओं को भड़काने के लिए यूथ फोरम कश्मीर नाम के संगठन ने भी स्लीपर सेल के आतंकियों को सक्रिय करने का पूरा माहौल बनाया है। कश्मीर घाटी में सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के आतंकी संगठन जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन सेल ने न सिर्फ मुजफ्फराबाद बल्कि कश्मीर में युवाओं को भड़काने के लिए अगले सात दिनों के 'योजना 370' बनाई है। कभी आतंकी यासीन मलिक इसी संगठन का अगुवा हुआ करता था। फिलहाल अब उसकी पत्नी मुशाल मलिक के इशारे पर मुजफ्फराबाद से माहौल खराब की घटनाओं को बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर संगठन के माध्यम से साजिशें रची जा रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने अपने सभी सक्रिय आतंकी संगठनों को इस मामले में बढ़-चढ़कर प्रतिक्रिया देने और माहौल खराब करने के लिए उकसाया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट और इंस्टीट्यूट आफ डायलॉग डेवलपमेंट एंड डिप्लोमेटिक स्टडी जैसे पीओके में मौजूद संगठनों ने भी कश्मीर घाटी में सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल खराब करने का पूरा ड्रामा रचा है। जानकारी इस बात की भी मिली है कि पीओके के मुजफ्फराबाद से चल रहे इन दोनों संगठनों ने कश्मीर पर घाटी के युवाओं को एक बार फिर भड़काने के बड़े अभियान को शुरू करने की तैयारी की है। इस अभियान के तहत इन दोनों संगठनों से घाटी के युवाओं को जोड़ने की मुहिम शुरू करने की तैयारी हो रही है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों को पहले से मिली इस जानकारी के चलते पाकिस्तान की साजिशें सफल तो नहीं हो पा रही हैं।
कश्मीर में माहौल खराब करने के लिए कश्मीर ग्लोबल काउंसिल एंड साउथ एशिया डेमोक्रेसी के डायरेक्टर राजा मुजफ्फर ने भी बड़े स्तर पर साजिशें रचनी शुरू की हैं। जानकारी के मुताबिक राजा मुजफ्फर कश्मीर घाटी में अलग-अलग माध्यमों से युवाओं को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों और उनकी विचारधाराओं से जोड़कर न सिर्फ आतंकियों को खड़ा करता है, बल्कि आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजनाएं भी बनाता है। आर्टिकल 370 पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजा मुजफ्फर ने एक बार फिर से सोशल मीडिया के माध्यम से कश्मीर के युवाओं को भड़काते हुए घाटी में लड़ाई लड़ने और आवाज बुलंद करने के लिए उकसाया है। खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर ग्लोबल काउंसिल के अलावा अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित वर्ल्ड कश्मीर अवेयरनेस फोरम जैसे समूह भी कश्मीर में माहौल खराब करने के लिए अभियान चलाते रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस संगठन ने भी सोशल मीडिया पर युवाओं को इस मामले में भड़काने का पूरा प्रयास किया है।
हालांकि खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद घाटी में सुरक्षा के बाद इंतजाम और ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं। पता यह भी चला है कि पाकिस्तान की ओर से तकरीबन 32 फेक सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हैं। जो बीते कुछ दिनों से सक्रिय होकर माहौल खराब करने की कोशिश में लगे हुए थे। हालांकि खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के बाद इन सभी फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स को न सिर्फ निष्क्रिय किया गया, बल्कि उनसे जुड़े लोगों पर घाटी में एक्शन भी शुरू कर दिया गया। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान समर्थित आतंकियों और अलगाववादियों के संगठनों की ओर से कई साजिशें तो रची जा रही हैं, लेकिन पाकिस्तान के इन मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जा रहा है।