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जम्मू कश्मीर: 27 सालों में 41,000 मौतों की वजह बना आतंकवाद
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:09 AM IST
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jammu kashmir
जम्मू कश्मीर में फैले आतंकवाद से जुड़े कुछ आंकड़े सामने आए हैं। इनके मुताबिक, पिछले 27 सालों में राज्य में 41,000 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। इसका मतलब है कि हर एक दिन चार लोग मारे जा रहे हैं जो कि साल के हिसाब से 1519 होते हैं। इसमें 14,000 आम आदमी, 5,000 सुरक्षा जवान और 22,000 आतंकी शामिल हैं। ये आंकड़े 1990 से 2017 के बीच के हैं।
इन 27 सालों में 69,820 आतंकी घटनाएं हुईं। यानी हर साल 2586 लोग इसकी भेंट चढ़ रहे हैं। इन घटनाओं के लिए भारत पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराता रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, 1990-2000 के मुकाबले आतंकी घटनाएं 2014 में बढ़ीं।
यह भी पढ़ें: जानें कौन है बिलाल डार जिसके मुरीद हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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मार्च 2014 से अबतक 95 आतंकवाद संबंधित घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें 397 आतंकी मारे गए। इसके अलावा 178 सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए और 64 आतंकियों ने अपनी जान गंवाई।
कुछ जानकारों का कहना है कि बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीरी युवाओं में गुस्सा भड़का और वे पहले से ज्यादा भारत के खिलाफ हो गए।
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इन 27 सालों में 69,820 आतंकी घटनाएं हुईं। यानी हर साल 2586 लोग इसकी भेंट चढ़ रहे हैं। इन घटनाओं के लिए भारत पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराता रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, 1990-2000 के मुकाबले आतंकी घटनाएं 2014 में बढ़ीं।
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मार्च 2014 से अबतक 95 आतंकवाद संबंधित घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें 397 आतंकी मारे गए। इसके अलावा 178 सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए और 64 आतंकियों ने अपनी जान गंवाई।
कुछ जानकारों का कहना है कि बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीरी युवाओं में गुस्सा भड़का और वे पहले से ज्यादा भारत के खिलाफ हो गए।
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2002 में मारे गए सबसे ज्यादा आम आदमी
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साल 2002 में 1008 आम कश्मीरियों ने जान गंवाई। साथ ही 1707 आतंकी और 453 सुरक्षा बल के जवानों ने जान गंवाई। आतंकवाद और उससे जुड़ी घटनाएं सबसे ज्यादा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में देखने को मिलीं।
1999 से 2003 तक 7820 आतंकी मारे गए। वहीं 2055 सुरक्षा बल के जवान और 4519 आम लोगों ने अपनी जान गंवाई।
ऐसी घटनाओं के बढ़ने के लिए कांग्रेस भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराती है। यूएस दौरे के दौरान भी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि मनमोहन सरकार में वह भी पूरी कोशिश करते थे कि कश्मीर में शांति बने रहे लेकिन बीजेपी सरकार के आने के बाद सारी मेहनत खराब हो गई।
1999 से 2003 तक 7820 आतंकी मारे गए। वहीं 2055 सुरक्षा बल के जवान और 4519 आम लोगों ने अपनी जान गंवाई।
ऐसी घटनाओं के बढ़ने के लिए कांग्रेस भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराती है। यूएस दौरे के दौरान भी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि मनमोहन सरकार में वह भी पूरी कोशिश करते थे कि कश्मीर में शांति बने रहे लेकिन बीजेपी सरकार के आने के बाद सारी मेहनत खराब हो गई।