फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   jammu-kashmir assembly dispute- No one with the majority, governor giving cleanliness

J&K विधानसभा विवाद- 87 के फेर में 48 किसी के पास नहीं, क्या अदालत पहुंचेगी लड़ाई

Thu, 22 Nov 2018 02:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Nov 2018 02:24 PM IST
विज्ञापन
jammu-kashmir assembly dispute-  No one with the majority, governor giving cleanliness
Jammu and Kashmir Assembly - फोटो : Wikipedia

जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने के राज्यपाल के फैसले पर राजनीति तेज हो गई है। राज्यपाल मलिक और राज्य की पार्टियों के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में आम चुनावों के साथ ही 2019 में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। 19 दिसंबर से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल ने चारों सलाहकारों की राय के बाद विधानसभा भंग करने का फैसला लिया है। विधानसभा भंग होने के बाद अब राज्य में सियासत तेज हो गई है।

विज्ञापन


सोशल मीडिया पर जम्मू कश्मीर विधानसभा की लड़ाई अब वायरल हो रही है कि आखिर फैक्स मशीन चली नहीं या दलों के सरकार बनाने के दावों को दरकिनार किया गया या राज्यपाल ने मनमानी की। आपको बता दें कि बीती बुधवार रात 9 बजे राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग कर दी है। आधिकारिक सूचना में राजभवन ने कहा कि राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 53 के तहत विधानसभा भंग की है।

विज्ञापन

महज आधे घंटे में ऐसे भंग हो गई जम्मू कश्मीर विधानसभा 

jammu-kashmir assembly dispute-  No one with the majority, governor giving cleanliness
पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने यह कार्रवाई तब की, जब बुधवार को आधे घंटे के अंतराल में दो दलों ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था। पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को भेजी चिट्ठी में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके साथ 56 विधायक हैं। 

महबूबा ने चिट्ठी में राज्यपाल को लिखा कि आप जानते हैं कि पीडीपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है, हमारे पास 29 विधायकों की ताकत है। आपको मीडिया के जरिए पता लगा होगा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस भी सरकार बनाने में हमारा समर्थन करने की इच्छा रखती हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के 15 और कांग्रेस के 12 विधायक हैं। सभी मिलकर हमारी संख्या 56 हो जाती है। मैं अभी श्रीनगर में हूं और मेरे लिए आपसे अभी मुलाकात संभव नहीं है। इस पत्र के जरिए हम आपको ये सूचित कर रहे हैं कि हम सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए जल्द ही आपसे मिलना चाहते हैं।
 





महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को ट्वीट कर जानकारी दी थी कि उन्होंने विधानसभा में फैक्स करके सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन राज्यपाल ने फैक्स रिसीव किया, न ही उन्हें कोई जवाब दिया गया। 
हालांकि राजभवन ने ऐसा कोई फैक्स मिलने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद महबूबा ने राज्यपाल को संबोधित पत्र ट्वीट किया और कहा कि वह फोन या फैक्स के जरिए राज्यपाल से संपर्क करने में विफल हैं, इस नाते ट्वीट का सहारा ले रहीं हैं। 

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने दिखाया अपना

jammu-kashmir assembly dispute-  No one with the majority, governor giving cleanliness
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन। - फोटो : twitter

महबूबा के दावे के 15 मिनट बाद ही पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने भी राज्यपाल को चिट्ठी भेजने की बात कही। राज्यपाल के निजी सचिव जीवन लाल को वॉट्सऐप पर भेजे पत्र को सज्जाद ने ट्विटर पर शेयर किया। इसमें सज्जाद ने दावा किया कि भाजपा के सभी विधायकों का समर्थन हमें हासिल है। इसके अलावा 18 से ज्यादा अन्य विधायक भी हमें सपोर्ट कर रहे हैं। ये संख्या बहुमत से ज्यादा है। मैं भाजपा और दूसरे सदस्यों के समर्थन के पत्र पेश कर रहा हूं। हम भरोसा दिलाते हैं कि राज्य में शांति स्थापित करने के लिए मजबूत और टिकाऊ सरकार बनाएंगे। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के 2 विधायक हैं, भाजपा के सदस्यों की संख्या 25 और इसके अलावा लोन ने 18 अन्य के समर्थन की बात कही। इस तरह सज्जाद ने 45 सदस्यों के समर्थन का दावा किया।
 


विज्ञापन

राज्यपाल सत्यपाल मलिक को देनी पड़ रही सफाई... 

jammu-kashmir assembly dispute-  No one with the majority, governor giving cleanliness
Governor Satyapal Malik - फोटो : social media

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने इस कदम के बचाव में कहा कि उन्होंने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि वो राज्य में ऐसी गठबंधन सरकार बनने का अधिकार नहीं दे सकते, जो काम करने के योग्य न हो। उन्होंने कहा कि 'यह मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं राज्य को ऐसी परेशानियों से बचाऊं। ये फैसला सोच-समझकर लिया गया है, जल्दबाजी में नहीं।' 




राज्यपाल ने कहा कि मशीनें कभी-कभी काम नहीं करती हैं। ईद पर कोई भी कर्मचारी फैक्स मशीन के पास तो नहीं रहेगा। महबूबा मुफ्ती को चिट्ठी एक दिन पहले भेजनी चाहिए थी, हालांकि महबूबा मुफ्ती ने दावा किया है कि उन्होंने राज्यपाल के नाम ईमेल भी किया था। राज भवन ने देर रात एक बयान जारी कर विधानसभा भंग करने के पीछे की वजहों को स्पष्ट किया है।
 


फैक्स मशीन के सवाल पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि कल ईद का मौका था, सभी मुसलमान जानते हैं कि कल छुट्टी थी। सारे ऑफिस बंद थे, मेरा रसोइया तक छुट्टी पर था। फैक्स मशीन को चलाने वाले की बात छोड़ दीजिए। अगर मुझे फैक्स मिल भी जाता तो मैं यही फैसला लेता, जो मैंने लिया है। राज्यपाल ने अपने फैसले के खिलाफ विपक्ष के कोर्ट में जाने के सवाल पर कहा कि वो कोर्ट में जा सकते हैं, लेकिन जो लोग पिछले 5 महीने से विधानसभा भंग किए जाने की बात कर रहे थे वो अब फैसले का विरोध क्यों कर रहे हैं?

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का गणित

jammu-kashmir assembly dispute-  No one with the majority, governor giving cleanliness
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल सीटें: 87
बहुमत के लिए जरूरी सीटें: 44
पार्टी सीटें
पीडीपी   28
भाजपा 25
जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) 15
कांग्रेस 12
अन्य 7
कुल  87
 

जम्मू-कश्मीर में आगे क्या...
विधानसभा भंग होने के बाद राज्य में निर्वाचन के जरिए ही नई सरकार बनाई जा सकती है।
माना जा रहा है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ ही राज्य में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं।
जिस तरह पीडीपी ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ समर्थन का दावा किया, ऐसे में आगामी चुनावों में इनके साथ आने के भी कयास हैं।

इस तरह चला जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग होने का ड्रामा

पिछले 24 घंटे में राज्य की सियासत ने कई करवट ली और आखिर में राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने का आदेश जारी कर ही दिया। मंगलवार शाम से ही जारी सरकार बनाने की चर्चाओं के साथ बुधवार को घटनाक्रम पल-पल बदलता रहा। कुछ इस तरह चला पूरा घटनाक्रम...

दोपहर करीब 12.45 बजे पीडीपी नेता सईद अल्ताफ बुखारी की नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक हुई। यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली और इसके साथ ही राज्य के सियासी घटनाक्रम तेजी से बदलने लगा।

दोपहर दो बजे अल्ताफ बुखारी ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के साथ गठजोड़ की कवायद की पुष्टि कर दी।

दोपहर बाद 2.30 पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर ने भी गठजोड़ पर चर्चा की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला आलाकमान लेगी।

दोपहर बाद तीन बजे नेकां के महासचिव अली मुहम्मद सागर व पूर्व स्पीकर मुबारक गुल ने कहा कि पीडीपी के साथ गठजोड़ का अंतिम फैसला गुरुवार को कोर ग्रप की बैठक में होगा।

3.30 बजे राजभवन ने किसी भी दल द्वारा गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश किए जाने से इन्कार किया।

शाम चार बजे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर गठजोड़ पर चर्चा के लिए श्रीनगर से दिल्ली रवाना हो गए।

शाम पांच बजे नेशनल कांफ्रेंस के अतिरिक्त महासचिव डॉ. मुस्तफा कमाल ने पीडीपी व कांग्रेस के गठजोड़ को आत्मघाती बताया।

इसी बीच पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन और पीडीपी के बागी विधायक इमरान रजा अंसारी लंदन यात्रा बीच में ही छोड़ दिल्ली पहुंचे।

शाम 6.00 बजे के करीब पीडीपी ने पहली बार दावा किया कि उसने राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए अपना दावा पेश कर दिया है। लेकिन राजभवन ने पुष्टि नहीं की।

शाम 6.45 बजे के करीब राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने सभी सलाहकारों और प्रमुख सचिव उमंग नरुला को राजभवन में बुलाया।

रात 8.00 बजे महबूबा ने ट्विटर पर राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए भेजे गए पत्र को अपलोड कर दिया। इसमें 56 विधायकों के समर्थन का दावा किया गया था।

रात 8.30 बजे पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन ने भी ट्विटर पर दावा किया कि उन्होंने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया है और राज्यपाल को वाट्सएप करने के अलावा पत्र भी भेजा है।

सज्जाद गनी लोन के दावे के चंद मिनटों बाद राजभवन से सूचना आई कि राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए जारी उठापटक में जुटे विभिन्न दलों को पटखनी देते हुए गत पांच माह से निलंबित राज्य विधानसभा को भंग कर दिया है। इस तरह से प्रदेश में सरकार गठन की तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed