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भारत तक पहुंचा येरूशलम का विवाद, जम्मू-कश्मीर के साथ दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन

Fri, 08 Dec 2017 10:16 PM IST
एजेंसी/ येरूशलम
एजेंसी/ येरूशलम Updated Fri, 08 Dec 2017 10:16 PM IST
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Jammu and Kashmir: Protests against US decision to recognise Jerusalem as Israeli Capital
कश्मीर में प्रदर्शन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा येरूशलम नीति में बदलाव के बाद कश्मीर और एशिया के साथ दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। वहीं इस्त्राइल की सीमा पर हिंसक आंदोलन की भी शुरुआत हो गई है। फलस्तीनियों के अधिकारों के लिए लंबे समय से हिंसक संघर्ष करने वाले इस्लामी अतिवादी संगठन हमास ने शुक्रवार को ‘आक्रोश दिवस’ मनाने के साथ इस्त्राइल के खिलाफ नए सिरे से संघर्ष छेड़ने की अपील भी की।

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आक्रोश दिवस मनाते हुए हजारों फलस्तीनी प्रदर्शनकारी शुक्रवार को फलस्तीन के कब्जे वाले वेस्ट बैंक, गाजा और पूर्वी येरूशलम में सड़कों पर उतर गए। उन्होंने अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पथराव भी किया। अमेरिका के इस फैसले का मुस्लिम देशों ने कड़ा विरोध किया है।
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पढ़ेंः येरूशलम मामले पर बोला भारत- फिलिस्तीन पर हमारा स्टैंड कोई तीसरा देश तय नहीं करेगा
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बृहस्पतिवार को फलस्तीनी आंदोलनकारियों ने दोपहर की नमाज के बाद ‘येरूशलम’ को अपना बताते हुए नारेबाजी और पत्थरबाजी की। इसके बाद इस्त्राइली सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर बुलेट से फायरिंग की। इस हिंसक झड़प में 31 फलस्तीनी घायल हो गए।


वहीं इस्त्राइल की सेना ने आरोप लगाया है कि गाजा पट्टी से एक विमान और एक टैंक को निशाना बनाकर तीन रॉकेट दागे गए। इस हमलों की जिम्मेदारी जिहादी सलाफी समूह अल-तवाहीद ब्रिगेड ने ली है। नारेबाजी और पत्थरबाजी की घटना के लगातार जारी रहने के कारण इस्त्राइल ने दोनों ही इलाकों में सेना की तैनाती को बढ़ा दिया है।

वहीं पड़ोसी देश जॉर्डन में भी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जबकि हमास ने नए फलस्तीन के लिए 1987-93 और 2000-05 के ‘इंतिफादा’ की तरह बड़े पैमाने पर विद्रोह छेड़ने की धमकी दी है। इन दोनों ही ‘इंतिफादा’ में फलस्तीन और इस्त्राइल दोनों ही तरफ के हजारों लोग मारे गए थे। वहीं इंडोनेशिया और मलेशिया के हजारों मुस्लिम समर्थकों ने हाथ में झंडे लेकर प्रदर्शन किया। टर्की की राजधानी इंस्तांबुल में भी हजारों फलस्तीनी समर्थकों ने प्रदर्शन किया। 

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