Jaishankar Interview: BBC डॉक्यूमेंट्री, LAC विवाद और पाकिस्तान पर जयशंकर ने कही बड़ी बात, राहुल पर भी कसा तंज
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि आपको क्या लगता है कि BBC डॉक्यूमेंट्री अचानक आई है। मैं ये बताना चाहता हूं कि चुनाव का समय भारत और दिल्ली में शुरू हुआ हो या नहीं, लेकिन न्यूयॉर्क और लंदन में जरूर शुरू हो गया है।
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विस्तार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को एक साक्षात्कार में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री, पूर्वी लद्दाख समेत चीन सीमा पर विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का भी जवाब दिया। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भी बात की। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें कैसे मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया और उन्होंने भाजपा को ही क्यों चुना।
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए जयशंकर ने BBC डॉक्यूमेंट्री पर कहा कि किसी दूसरे माध्यम का इस्तेमाल कर राजनीति की जा रही है। आप किसी के मान सम्मान को धक्का पहुंचाने का काम कर रहे हैं। कहते हैं कि ये सत्य के लिए केवल एक खोज है, जिसे हमने 20 साल बाद इस समय पर लाने का फैसला किया है।
'चुनाव का समय न्यूयॉर्क और लंदन में जरूर शुरू हो गया'
उन्होंने कहा कि आपको क्या लगता है कि BBC डॉक्यूमेंट्री अचानक आई है। मैं ये बताना चाहता हूं कि चुनाव का समय भारत और दिल्ली में शुरू हुआ हो या नहीं, लेकिन न्यूयॉर्क और लंदन में जरूर शुरू हो गया है। उन्होंने ये बस केवल एक राजनीति है, जो उन लोगों के द्वारा की जा रही है जिनमें राजनीतिक क्षेत्र में आने की ताकत नहीं है। वे खुद को बचाने के लिए कहते हैं कि हम एक NGO, मीडिया संगठन आदि हैं, लेकिन वे राजनीति कर रहे हैं।
राहुल गांधी पर कसा तंज
विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने कहा कि कभी कहा जाता है कि सरकार रक्षात्मक है, कभी कहा जाता है कि सरकार उदार हो रही है। अगर हम उदार हैं तो LAC पर आर्मी को किसने भेजा? राहुल गांधी ने आर्मी को नहीं भेजा, नरेंद्र मोदी ने भेजा। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि ये समझना मुश्किल क्यों है कि जो विचारधारा और राजनीतिक पार्टियां भारत के बाहर हैं, उससे मिलती जुलती विचारधारा और पार्टियां भारत के अंदर भी हैं और दोनों एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
मैं राहुल से भी सीखने को तैयार: विदेश मंत्री
उन्होंने कहा कि मैं सबसे लंबे समय तक चीन का राजदूत रहा और बॉर्डर मुद्दों को डील कर रहा था। मैं ये नहीं कहूंगा कि मुझे सबसे अधिक ज्ञान है मगर मैं इतना कहूंगा कि मुझे चीन के विषय पर काफी कुछ पता है। अगर राहुल गांधी को चीन पर ज्ञान होगा तो मैं उनसे भी सीखने के लिए तैयार हूं।
चीन मसले पर कांग्रेस को घेरा
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि चीन ने 1962 में हमारी जमीन के एक टुकड़े पर कब्जा कर लिया था और अब विपक्ष 2023 में मोदी सरकार पर आरोप लगा रहा है कि चीन उस जमीन पर ब्रिज बना रहा है, जिस पर चीन ने 1962 में कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि सभी कहते हैं कि हमें सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना चाहिए तो कांग्रेस ने ऐसा क्यों नहीं किया? मैंने सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट देखा। मोदी सरकार में बजट पांच गुना बढ़ा है। 2014 तक यह 3-4 हजार करोड़ था और आज यह 14 हजार करोड़ है। हमारी सरकार इसको लेकर गंभीर है।
पाकिस्तान पर भी कही बड़ी बात
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का भविष्य काफी हद तक उसकी कार्रवाई से तय होता है। मेरा मतलब है कि कोई भी अचानक ऐसी एक कठिन स्थिति में नहीं पहुंचता है। अब उन्हें इसके लिए रास्ता खुद खोजना है। आज हमारा संबंध वैसा नहीं है, जहां हम सीधे उस पर प्रासंगिक हो सकते हैं।
#WATCH | "They must have some problem understanding words beginning with a ‘C’. It’s not true. I think they are deliberately misrepresenting the situation…," EAM Dr S Jaishankar on Congress saying neither PM nor EAM mentions the word China pic.twitter.com/jBvJVVixI7
— ANI (@ANI) February 21, 2023
दिल्ली में 1984 में बहुत कुछ हुआ, उस पर डॉक्यूमेंट्री क्यों नहीं?
BBC डॉक्यूमेंट्री पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि कई बार भारत में चल रही राजनीति यहां की नहीं, बल्कि बाहर से आई होती है। विचार और एजेंडा बाहर से आए होते हैं। आप डॉक्यूमेंट्री ही बनाना चाहते हैं तो दिल्ली में 1984 में बहुत कुछ हुआ था। हमें उस विषय पर कोई डॉक्यूमेंट्री देखने को क्यों नहीं मिली?
भाजपा को चुनने की वजह भी बताई
ANI से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि ये कैबिनेट या सरकार (BJP) एक टीम कैबिनेट है, इसमें हम अपने निर्णय नहीं ले सकते, बल्कि पूरी टीम लेती है। जब मुझे मंत्री के रूप में चुना गया था, तब मैं सांसद नहीं था और न ही कोई राजनीतिक पार्टी का सदस्य था। मेरे पास विकल्प था कि मैं राजनीतिक पार्टी चुनूं या नहीं। मैंने इस पार्टी को इसलिए चुना, क्योंकि ये पार्टी देश की भावनाओं को अच्छे से समझती है। आप जब कैबिनेट का हिस्सा होते हैं, तो आपको बहुत कुछ जानने को मिलता है।
इंदिरा गांधी को लेकर भी बोले जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मेरे पिता सरकारी अधिकारी थे और वो 1979 में जनता सरकार में सचिव बने थे, लेकिन उन्हें सचिव पद से हटा दिया गया था। 1980 में वे रक्षा उत्पादन सचिव थे। जब इंदिरा गांधी दोबारा चुनी गईं थीं, तब उन्होंने उनको पद से हटा दिया था। वे काफी ईमानदार थे, शायद यही दिक्कत थी।
#WATCH ...I’m not conspiracy theorist.Why difficult to understand there are ideologies&political forces outside India similar to those here&the two working hand in glove.Part of problem is when political forces in India not doing well electorally summon up this support system:EAM pic.twitter.com/8ubI3Xft3F
— ANI (@ANI) February 21, 2023
कैसे बने विदेश मंत्री? यह भी बताया
विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझे कैबिनेट में शामिल होने के लिए कहा था। 2011 में मैंने उनसे बीजिंग में मुलाकात की थी, उससे पहले मैं उनसे कभी नहीं मिला था। जब वे CM (गुजरात) थे और वे उस समय वहां (चीन) दौरे पर गए थे। सच कहूं तो उन्होंने मुझ पर बहुत बड़ा प्रभाव डाला था।
हमारा वैश्विक स्तर बहुत ऊंचा: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि आज हमारा वैश्विक स्तर बहुत ऊंचा है। आज हम अपनी सोच, अभियान और विदेश नीति को लागू करने की रणनीति को लेकर पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हैं और ये होना भी चाहिए। आज वैश्विक मामलों पर विश्व जानना चाहता है कि भारत का क्या मानना है? ये वैश्विक मामले जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद का मुकाबला, ब्लैक मनी, सुरक्षा आदि कुछ भी हो सकता है। हम दुनिया को बहुत स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कर चुके हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय शक्ति हैं। हम इस समय दूसरे देशों के लिए अन्य देशों की तुलना में अधिक काम करने के लिए तैयार हैं।
कोरोना और वैक्सीन भी कही बात
विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने कहा कि कोविड के दौरान हम कठिन समय से गुजर रहे थे। हमारे कोविड के कवरेज को देखें। क्या दूसरे देशों में लोगों की मृत्यु नहीं हुई? क्या हमने वह कवरेज देखा? क्या आपने अन्य देशों से उस तरह की तस्वीरें देखीं? दूसरे देशों को कोविड वैक्सीन दिए जाने पर विदेश मंत्री ने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि उस पर बहुत आलोचना हुई थी, लेकिन उस पर कुछ जगहों से शोर बहुत हुआ था। जब आप किसी के लिए कुछ करते हैं तो पूछा जाता है कि क्यों किया जा रहा है और जब नहीं करते तो बोला जाता है कि क्यों नहीं कर रहे हैं।
खाड़ी देशों के साथ हमारे रिश्ते बहुत अच्छे: जयशंकर
विदेश मंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों के साथ हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हुए हैं। ऐसा पहले क्यों नहीं हुआ? मुझे लगता है कि जब आपकी मानसिकता वोट बैंक की हो, तो आप विदेश नीति और इसे क्रियान्वित करने के बारे में गंभीर नहीं होते। आपके लिए यह एक नारा है कि वे हमारे साथ हैं। खाड़ी देशों का कहना है कि आज का भारत 10 साल पहले के भारत से कहीं अधिक विश्वसनीय है। आप वहां के लोगों से पूछेंगे तो मैं शर्त लगाता हूं कि सभी लोग कहेंगे कि हम प्रधानमंत्री मोदी को प्राथमिकता देंगे।
#WATCH | Today, India’s global standing is clearly very much higher & quite strong. We’ve been able to demonstrate to the world that we are an exceptional international power, says EAM Dr S Jaishankar on nine years of Modi govt's foreign policy pic.twitter.com/adbH75DMbY
— ANI (@ANI) February 21, 2023
'ऑपरेशन दोस्त' का किया जिक्र
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि जब तुर्किये में भूकंप आया, तब प्रधानमंत्री मोदी हमारे विचार जानना चाहते थे। कुछ ही मिनटों में हमें टीम रवाना करने को कहा गया। 48 घंटे से भी कम समय में टीमों को तुर्किये भेजा गया। 'ऑपरेशन दोस्त' चलाया गया। हमारी टीमों ने वहां पूरी शिद्दत के साथ काम किया और कई जानें बचाईं।
अमेरिका, रूस और यूक्रेन पर भी बोले
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि हमारे अमेरिका के साथ अच्छे संबंध हैं। पिछले दशक में आप देख सकते हैं कि विश्व में काफी बदलाव हुआ है। आप देख सकते हैं कि रूस के साथ हमारे कितने मजबूत संबंध हैं। रूस और यूक्रेन युद्ध से हमारे संबंध में कोई असर नहीं पड़ा। हमारे संबंध चीन को छोड़कर सभी बड़ी ताकतों से अच्छे हैं। चीन के साथ हमारे संबंध इसलिए अच्छे नहीं है क्योंकि उसने कई समझौते तोड़े हैं।