India: जयशंकर को उम्मीद, US-UK और कनाडा स्थित दूतावासों पर हुए हमलों में शामिल आरोपी के खिलाफ होगी कार्रवाई
जयशंकर सोमवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा कि हमने कनाडा में स्थिति को काबू में करने के लिए वीजा पर लगाम लगाना शुरू कर दिया। तब से स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। हालांकि, आज हमारे वीजा संचालन काफी हद तक सामान्य हैं।
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हम उम्मीद करते हैं कि लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और सैन फ्रांसिस्को स्थित वाणिज्य दूतावास पर हुए हमलों में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कहना है भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का। उन्होंने आगे कहा कि कनाडा में पदस्थ भारतीय राजनयिकों को मिली धमकियों के मामले में भी उचित सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हमें कनाडा में वीजा जारी करने पर रोक लगाना पड़ा क्योंकि हमें धमकाया गया। उस वक्त कनाडा से भी कोई अधिक सहयोग नहीं मिला। हमने बहुत बार कनाडा को बताया कि आपके देश में भारत के अलगावादियों, आंतकवादियों और भारत विरोधी तत्वों को जगह दी गई है।
क्या होती है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
जयशंकर सोमवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा कि हमने कनाडा में स्थिति को काबू में करने के लिए वीजा पर लगाम लगाना शुरू कर दिया। तब से स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। हालांकि, आज हमारे वीजा संचालन काफी हद तक सामान्य हैं। कनाडा को जब हम खालिस्तानी गतिविधियों के बारे में सचेत करते तो वह हमें बताते थे कि हम एक लोकतंत्र हैं। हमारे यहां बोलने की आजादी है। लेकिन मैं साफ करना चाहता हूं कि अभिव्यक्ति की आजादी राजनयिकों को डराना-धमकाना, दूतावासों पर धुआं बम फेंकना तो नहीं हो सकती। मित्र राज्य के खिलाफ हिंसा और अलगाववाद की घटनाएं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। यह असल में अधिकार का दुरुपयोग है। हमलों में शामिल दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया-यूके-यूएसए में हालत सुधरे
विदेश मंत्री ने बताया कि ब्रिटेन में भी हमारे उच्चायोग पर हमला हुआ लेकिन उन घटनाओं से सबक लेते हुए ब्रिटेन ने जो सुरक्षा उपलब्ध कराई उसकी हमें खुद उम्मीद नहीं थीं। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी स्थिति बहुत मजबूत हुई है। अगर कोई देश हमारे दूतावासों पर हुए हमलों की जांच नहीं करता तो इससे एक साफ संदेश विश्व में जाएगा और मुझे नहीं लगता कि कोई देश अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाएगा।