फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jaishankar conveys national sentiment to Chinese FM Wang Yi; says border peace foundation of stable ties

भारत-चीन संबंध: एस जयशंकर की चीनी विदेश मंत्री से हुई तीन घंटे लंबी बातचीत, विदेश मंत्री ने सुनाई खरी-खरी 

Fri, 25 Mar 2022 04:42 PM IST
Amit Mandal एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 25 Mar 2022 04:42 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दो टूक कहा कि सीमा पर शांति ही दोनों देशों के बीच स्थिर और आपकी संबंधों का आधार बनेगी। 

विज्ञापन
Jaishankar conveys national sentiment to Chinese FM Wang Yi; says border peace foundation of stable ties
एस जयशंकर की चीनी विदेश मंत्री को खरी-खरी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को साफ कहा कि भारत-चीन सीमा पर शांति ही दोनों देशों के बीच स्थिर और आपसी रिश्तों का आधार बनेगा। चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के बाद जयशंकर ने यह बात कही। दोनों नेताओं के बीच करीब तीन घंटे लंबी बातचीत चली। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और चीनी विदेश मंत्री ने स्पष्ट तरीके से अहम मुद्दों पर बातचीत की। 

विज्ञापन


सीमाई क्षेत्रों में शांति ही बनेगी सहयोग का आधार 
चीनी विदेश मंत्री के साथ प्रतिनिधिस्तर की वार्ता के बाद जयशंकर ने कहा कि अभी जो मौजूदा स्थिति है, उसकी प्रगति धीमी है। मेरी आज वांग यी से हुई मुलाकात में इसी में तेजी लाने पर बात हुई है।हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की जो अप्रैल 2020 से चीनी कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप बाधित हुई है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, पिछले दो साल के दौरान सीमाई क्षेत्रों में तनाव का असर दोनों देशों के बीच नजर आया है। सीमा पर शांति दोनों देशों के बीच स्थिर और सहयोगी संबंधों का आधार है। हमारे बीच इस आधार को मजबूत करने और आज सामने आ रही मुश्किलों को दूर करने का समझौता भी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अजीत डोभाल से भी हुई वांग यी की मुलाकात
वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वांग यी से कहा कि भारत-चीन संबंध को अगर आगे ले जाना है तो सबसे पहले सीमा पर जल्द और पूरे तरीके से सैनिकों को हटाने पर काम होना चाहिए। चीनी विदेश मंत्री और डोभाल के बीच हुई मुलाकात में इस बात पर जोर रहा कि दोनों ओर से ऐसा कोई कार्रवाई न हो जिससे उनके बीच एक-दूसरे की सुरक्षा पर कोई आंच आए। 

चीन के विदेश मंत्री यी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे थे। उनकी यात्रा का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच कोरोना महामारी के दौर के बाद प्रत्यक्ष वार्ता शुरू करना है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस साल होने वाली ब्रिक्स देशों की बीजिंग बैठक का  न्योता भी देने वाले हैं।  


दो साल से लद्दाख में गतिरोध
मई 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच लद्दाख में गतिरोध कायम है। इसके बाद से किसी वरिष्ठ चीनी नेता की यह पहली भारत यात्रा है। पिछले महीने विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि चीन के साथ भारत के संबंध बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं। गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष के बाद दोनों देशों ने गतिरोध दूर करने के लिए कई दौर की सीमा वार्ता की है। भारत लद्दाख में तनाव वाले सभी इलाकों से सेना की पूरी तरह वापसी पर अड़ा हुआ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed