नागरिकता बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कांग्रेस नेता जयराम रमेश
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने उच्चतम न्यायालय में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के खिलाफ याचिका दाखिल की है। उन्होंने इस अधिनियम की वैधता को अदालत में चुनौती दी है। कांग्रेस ने संसद में ही अधिनियम को शीर्ष अदालत में चुनौती देने का संकेत दिया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि वह इस मामले को अदालत लेकर जाएंगे। इसका जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि संसद को मत डराइए कि उसके अधिकार क्षेत्र में कोई अदालत घुस जाएगी।
Congress leader Jairam Ramesh approaches the Supreme Court, challenging validity of Citizenship (Amendment) Act, 2019. (file pic) pic.twitter.com/Qv81ZoNTQ7
— ANI (@ANI) December 13, 2019विज्ञापन
मुस्लिम लीग ने दाखिल की पहली याचिका
राज्यसभा से नागरिकता अधिनियम को बुधवार को मंजूरी मिली थी और गुरुवार को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने इसकी वैधता को लेकर उच्चतम न्यायालय में पहली याचिका दायर की। लीग का कहना है कि धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती है। उसने अदालत से विधेयक को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल मुस्लिम लीग की तरफ से अदालत में केस लड़ेंगे।
महुआ मित्रा ने दाखिल की याचिका
तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम की वैधता के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में गुरुवार को याचिका दाखिल की। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने इसपर जल्दी सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने वकील से कहा है कि वह उल्लेख करने वाले अधिकारी के सामने इस मामले का उल्लेख करें।
पीस पार्टी ने दायर की रिट याचिका
वहीं पीस पार्टी ने भी उच्चतम न्ययालय में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ रिट याचिका दाखिल की है। इसके अलावा केरल के विपक्षी नेता रमेश चेन्नीथाला ने कहा, 'मैंने उच्चतम न्यायालय में नागरिकता संशोधन अधिनियम के मामले में शामिल होने का फैसला लिया है क्योंकि यह संविधान का उल्लंघन है। केरल के लोग इस अधिनियम के विरोध में हैं।'