जगन्नाथ मंदिर के पास बड़ा हादसा: भगवान की चंदन यात्रा में पटाखों के ढेर में लगी आग,तीन की मौत, 32 घायल
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर दुख जताया है। सीएम ने संबंधित अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीएम ने एलान किया है कि इलाज का खर्च मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन किया जाएगा।
विस्तार
ओडिशा के विश्व विख्यात भगवान जगन्नाथ की यात्रा में आज एक हादसा हो गया। दरअसल, बुधवार रात को पुरी में भगवान जगन्नाथ की चंदन यात्रा उत्सव आयोजित की गई थी। इस दौरान पटाखों के ढेर में विस्फोट हो गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य लोग झुलस गए। चार लोगों की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक जताया है।
यह है पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि सैकड़ों लोग नरेंद्र पुष्करिणी जलाशय के किनारे अनुष्ठान देखने के लिए इकट्ठे हुए थे। इस दौरान, भक्तों का एक समूह पटाखे जलाकर जश्न मना रहा था। अचानक जलते हुए पटाखों की एक चिंगारी पटाखों के ढेर पर जा गिरी, जिससे विस्फोट हो गया। पुलिस ने आगे बताया कि जलते हुए पटाखे वहां आए लोगों पर गिरे। इससे अफरा-तफरी मच गई। उनमें से कुछ ने खुद को बचाने के लिए जलाशय में छलांग लगा दी।
#WATCH | Odisha: Several injured after firecrackers exploded during Lord Jagannath's Chandan Yatra festival in Puri. Details awaited. pic.twitter.com/dV7mXHZGga
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 29, 2024
सीएम ने जताया दुख, अधिकारियों को दिए निर्देश
एक डॉक्टर ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें से चार की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर दुख जताया है। सीएम ने संबंधित अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीएम ने एलान किया है कि इलाज का खर्च मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन किया जाएगा।
चार धामों में से एक धाम है जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर हिंदुओं के चार धामों में से एक माना जाता है। ओडिशा के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित यह विश्व प्रसिद्ध मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु पूरी दुनिया से भगवान के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर 800 साल से भी ज्यादा पुराने है। मंदिर में महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई महाप्रभु बलभद्र की पूजा की जाती है। मंदिर में तीनों देवी-देवताओं की मूर्तियां एक साथ विराजमान हैं।
रथ यात्रा सबसे खास
जगन्नाथ मंदिर में हर साल रथ यात्रा निकलती है। जो विश्व प्रसिद्ध है। यात्रा हर साल आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकलती है। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल पक्ष के 11वें दिन जगन्नाथ जी की वापसी के साथ इस यात्रा का समापन होता है। यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं।