सीमा सुरक्षा: खुफिया तकनीक से लेकर राइफल एक्सपर्ट हैं ITBP डॉक्टर, 18 हजार फीट ऊंची चौकियों पर करेंगे जवानों का इलाज
आईटीबीपी द्वारा अकादमी के परेड ग्राउंड में औपचारिक पासिंग आउट परेड और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इसमें नव अधिकारियों ने राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने की शपथ ली। डीजी आईटीबीपी ने युवा डॉक्टरों को रैंक लगाए...
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आईटीबीपी के डॉक्टर 'खुफिया' तकनीक से लेकर राइफल चलाने में भी एक्सपर्ट हैं। जरूरत पड़ने पर वे दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं। बर्फ से लदी 18 हजार फीट ऊंची सीमा चौकियों पर वे अपने जवानों का इलाज करेंगे। ट्रेनिंग के दौरान इन डॉक्टरों को इंजीनियरिंग, मैप रीडिंग, एडमिनिस्ट्रेशन, लॉ और ह्यूमन राइट्स जैसे विभिन्न विषयों में भी पारंगत बनाया गया है। आईटीबीपी के 38 युवा डॉक्टरों के एक समूह ने 24 सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सहायक कमांडेंट/चिकित्सा अधिकारियों के एक बैच के लिए राजपत्रित अधिकारी कम्बैटाइजेशन कोर्स के तहत प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। शनिवार को मसूरी अकादमी में डॉक्टरों की पासिंग आउट परेड के दौरान आईटीबीपी डीजी संजय अरोड़ा ने परेड की सलामी ली।
आईटीबीपी द्वारा अकादमी के परेड ग्राउंड में औपचारिक पासिंग आउट परेड और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इसमें नव अधिकारियों ने राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने की शपथ ली। डीजी आईटीबीपी ने युवा डॉक्टरों को रैंक लगाए। इस प्रशिक्षण के प्रारंभ एवं मध्य में इन चिकित्सा अधिकारियों (जिसमें 14 महिला चिकित्सक भी शामिल हैं) ने छतरपुर स्थित, सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में कोविड-19 की ड्यूटी पर तैनात रहकर सेवाएं दी हैं। कोविड-19 की पहली व दूसरी लहर के दौरान, आईटीबीपी द्वारा संचालित इस केंद्र पर 13,000 से अधिक कोविड-19 रोगियों का इलाज किया गया है।
ये सभी डॉक्टर कोविड-19 कर्तव्यों का निर्वहन करने और इस विशाल कोविड केंद्र का अनुभव प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षण पूरी करने के लिए अकादमी लौट आए थे। इस अनुकरणीय सेवा के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही महानिदेशक के प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। ट्रेनिंग के दौरान इन अधिकारियों को टैक्टिक्स, वेपन हैंडलिंग, फिजिकल ट्रेनिंग, इंटेलिजेंस, फील्ड इंजीनियरिंग, मैप रीडिंग, एडमिनिस्ट्रेशन, लॉ और ह्यूमन राइट्स जैसे विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित किया गया है। ये चिकित्सा अधिकारियों के रूप में अपने कर्तव्यों के साथ आईटीबीपी के कार्यों के अनुरूप प्रशिक्षित हुए हैं। दूसरे अधिकारियों की तरह उन्हें ट्रेंड किया गया है।
आईटीबीपी के महानिदेशक संजय अरोड़ा ने परेड की सलामी ली और युवा अधिकारियों को आईटीबीपी के गौरवशाली इतिहास और बल के अनुशासन के उच्च मानकों के बारे में याद दिलाया। अरोड़ा ने कहा, आईटीबीपी को 18,800 फीट तक की ऊंचाईयों पर सीमा चौकियों पर अत्यंत कठोर इलाकों में तैनात किया जाता है। वहां तापमान माइनस 45 डिग्री तक गिर जाता है। हिमालय में ऊंचाई वाली सीमाओं की रक्षा के अलावा, बल आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन आदि में तैनात है। एसी/एमओ डॉ विशाल चौधरी को बैच के बेस्ट इन इंडोर, बेस्ट इन आउटडोर और ओवरऑल बेस्ट ट्रेनी की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।