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Telecom Bill: अगले सप्ताह बैठक में दूरसंचार विधेयक पर IT पैनल करेगा चर्चा, संसद सत्र में किया जा सकता है पेश
Mon, 17 Oct 2022 10:19 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 17 Oct 2022 10:19 PM IST
सार
समिति के अध्यक्ष प्रताप जाधव ने सभी सदस्यों से इस दूरसंचार विधेयक पर चर्चा करने का अनुरोध किया है ताकि समय की बचत हो सके। समिति ने यह भी कहा है कि वह संसद के आगामी शीतकालीन सत्र से पहले विधेयक पर अपनी चर्चा समाप्त कर लेगी, जब सरकार द्वारा इसे पारित होने के लिए पेश किए जाने की संभावना है।
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संसदीय आईटी समिति के सदस्य।
- फोटो : ANI
विस्तार
दूरसंचार विभाग ने एक नया मसौदा विधेयक पेश किया है इसके माध्यम से सरकार भारत में दूरसंचार को नियंत्रित करने वाले मौजूदा कानूनी ढांचे में बदलाव करना चाहती है। इस विधेयक पर चर्चा के लिए आईटी समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रताप जाधव ने नई पहल की है। दरअसल, आईटी समिति के पैनल की अगले सप्ताह पहली बैठक आयोजित होने वाली है। इसमें बैठक का एजेंडा भारतीय दूरसंचार विधेयक 2022 होगा। आईटी समिति की इस बैठक में इसी विधेयक पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी विधेयक को संसद में पेश करने से पहले किसी समिति में उस पर चर्चा नहीं की गई है। गौरतलब है कि दूरसंचार विभाग का नया मसौदा विधेयक लोगों की इस पर प्रतिक्रियाओं के लिए सार्वजनिक डोमेन में है।
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सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, समिति के अध्यक्ष प्रताप जाधव ने सभी सदस्यों से इस दूरसंचार विधेयक पर चर्चा करने का अनुरोध किया है ताकि समय की बचत हो सके। समिति अगले सप्ताह होने वाली अपनी बैठक में दूरसंचार सचिव और दूरसंचार मंत्रालय के अन्य अधिकारियों को पेश होने के लिए कहेगी। समिति ने यह भी कहा है कि वह संसद के आगामी शीतकालीन सत्र से पहले विधेयक पर अपनी चर्चा समाप्त कर लेगी, जब सरकार द्वारा इसे पारित होने के लिए पेश किए जाने की संभावना है।
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सरकार नए विधेयक के माध्यम से भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885, वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 और टेलीग्राफ वायर (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम, 1950 को समेकित करना चाहती है। केंद्र का मानना है कि भारत को 21वीं सदी की वास्तविकताओं के अनुरूप दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक नए कानूनी ढांचे की आवश्यकता है। प्रस्तावित विधेयक के व्याख्यात्मक नोट में इसे भारतीय दूरसंचार विधेयक, 2022 का नाम दिया गया है।
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विभाग की ओर से जारी एक व्याख्यात्मक नोट में कहा गया है कि दूरसंचार क्षेत्र के लिए मौजूदा नियामक ढांचा भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 पर आधारित है। टेलीग्राफ के युग के बाद से दूरसंचार की प्रकृति, इसके उपयोग और प्रौद्योगिकियों में बड़े पैमाने पर बदलाव आया है। दुनिया ने 2013 से टेलीग्राफ का उपयोग करना बंद कर दिया है।