{"_id":"5eab47718ebc3e908644deda","slug":"it-is-propaganda-said-india-on-social-media-posts-alleging-harassment-of-muslims","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया पोस्ट में मुस्लिमों के उत्पीड़न का आरोप, भारत ने कहा- यह दुष्प्रचार है","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सोशल मीडिया पोस्ट में मुस्लिमों के उत्पीड़न का आरोप, भारत ने कहा- यह दुष्प्रचार है
Fri, 01 May 2020 03:17 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 01 May 2020 03:17 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत में मुस्लिम समुदाय के उत्पीड़न और अत्याचार किए जाने के सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को केंद्र सरकार ने सिरे खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों पर कहा है कि यह दुष्प्रचार के अलावा और कुछ नहीं है। दरअसल, अरब देशों से कुछ ट्विटर हैंडल से की जा रही पोस्ट में आरोप लगाए जा रहे थे कि भारत में मुस्लिम समुदाय का उत्पीड़न किया जा रहा है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को ‘दुष्प्रचार’ करार दिया कि भारत के अनेक हिस्सों में मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि खाड़ी देश भारत से मित्रवत संबंधों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और वे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का समर्थन नहीं करते।
विज्ञापन
उन्होंने क्षेत्र के साथ भारत के करीबी और पारंपरिक संबंधों के बारे में बात करते हुए कहा कि देश गहन दोस्ती के चलते रमजान के दौरान इस क्षेत्र को खाद्य सामग्रियों और जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि खाड़ी के कई देश तो कोविड-19 से उबरने के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए भारत से विचार-विमर्श करना चाह रहे हैं। श्रीवास्तव ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि संबंधित पक्षों का दुष्प्रचार ज्यादा दिखाई देता है। इन देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को परिभाषित करने के लिए ऐसे अनाधिकारिक ट्वीट का सहारा नहीं लिया जा सकता है।
बता दें कि भारत के अनेक हिस्सों में कोविड-19 फैलने के लिए तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोपों के बाद अरब के कई देशों से सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नाराजगी जाहिर की थी।
हाल ही में इस्लामी सहयोग संगठन ने भी भारत पर इस्लाम को लेकर डर पैदा करने का आरोप लगाया था, इसे भारत ने खेदजनक बताते हुए खारिज किया था। वहीं दूसरी ओर कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर क्षेत्र में अपने-अपने समकक्षों के साथ सतत संपर्क में हैं।
श्रीवास्तव ने कहा कि इन बातचीतों में इन देशों को दवाएं और चिकित्सा दल भेजने के अनुरोध होते रहे हैं। हमने पहले ही कुवैत में त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किया है। भारत से डॉक्टरों और नर्सों को भी भेजने का अनुरोध प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि ये देश भारत के साथ दोस्ताना संबंधों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। वे भारत के आंतरिक विषयों में दखलंदाजी का भी समर्थन नहीं करते। इसलिए महत्वपूर्ण है कि हमारे संबंधों की दोस्ताना और सहयोगात्मक प्रकृति को सही से पहचाना जाए और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को महत्व नहीं दिया जाए।
भारतीय श्रमिकों को निशाना नहीं बनाया
वहीं दूसरी ओर ओमान में वहां के वित्त मंत्रालय के सभी सरकारी कंपनियों को विदेशी कामगारों की जगह कुशल स्थानीय ओमानी लोगों को लगाने का आदेश जारी किए जाने संबंधों के बारे में पूछने पर श्रीवास्तव ने कहा कि यह भारतीय श्रमिकों को निशाना बनाकर नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह नीति दशकों पुरानी है और भारत के संबंध में नहीं है। इसमें कहीं भी भारतीयों को निशाना नहीं बनाया गया है। बता दें कि इन खबरों से आशंका व्यक्त की जाने लगी है कि ओमान में इस आदेश के बाद सरकारी कंपनियों में काम कर रहे हजारों भारतीय बेरोजगार हो सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वह देश भारत के साथ संबंधों को अत्यंत महत्व देता है। ओमान सरकार भारतीयों की विशेष देखभाल कर रही है जिसमें कोरोना वायरस के लिए निशुल्क जांच, उपचार, खाना मुहैया कराना आदि शामिल हैं। ओमान सरकार भारतीयों को कुछ श्रेणियों में वीजा भी दे रही है।