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भारत में रहना और जीना बांग्लादेश से आसान : तसलीमा नसरीन

Sun, 13 Jan 2019 02:47 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Sun, 13 Jan 2019 02:47 AM IST
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It is easy to live in India than Bangladesh : Taslima Nasreen
तसलीमा नसरीन (फाइल फोटो)

मुझे बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में आवाज उठाने पर मेरे देश बांग्लादेश से ही बाहर निकाल दिया गया। मानवता विरोधी नीतियों के खिलाफ लिखने के कारण मैं आज भी अपने देश नहीं जा सकती। मुझे यूरोप और अमेरिका की नागरिकता भी प्राप्त है, भारत से मेरी भावनाएं जुड़ी हैं। इसलिए भारत में रहना और जीना बांग्लादेश से आसान है। पुस्तक मेले में अपनी पुस्तक ‘बेशरम’ के लोकार्पण के मौके पर बांग्लादेशी-स्वीडिश लेखिका तसलीमा नसरीन ने ये शब्द कहे।

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पुस्तक मेले में राजकमल प्रकाशन पर तसलीमा नसरीन की पुस्तक ‘बेशरम’ का विमोचन हुआ। इस मौके पर नसरीन खुद पहुंचीं और पाठकों से रूबरू हुईं। उन्होंने पाठकों से बात करते हुए कहा कि बेशरम मेरे उपन्यास लज्जा की दूसरी कड़ी है। इसमें भी बांग्लादेशी हिंदुओं के दुख, प्रेम और परेशानी को दर्शाया गया है। इस पुस्तक को उन्होंने बांग्ला भाषा में लिखा था, जिसका अनुवाद उत्पल बैनर्जी द्वारा किया गया है।       
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उन्होंने कहा कि जो लोग बांग्लादेश छोड़कर भारत में वापस आए, अगर वे चाहें तो वापस बांग्लादेश जा सकते हैं क्योंकि उन लोगों की यादें वहां से जुड़ी हुई हैं, लेकिन मैं बांग्लादेश कभी वापस नहीं जा सकती क्योंकि मैने लज्जा जैसे उपन्यास लिखे हैं। मुझे देश छोड़ने को मजबूर किया गया था। बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो भी घटित होता है उसके विरोध में मैं हमेशा लिखती हूं। इस मौके पर राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी भी मौजूद थे। 

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पुस्तक मेले में पहुंचे 35 हजार पाठक

पुस्तक मेले में शनिवार को पाठकों की भारी भीड़ उमड़ने के कारण आईटीपीओ के डीआईजी सिक्योरिटी अजय वशिष्ठ ने पाठकों के बीच जाकर भीड़ पर नियंत्रण किया। उन्होंने लाउड स्पीकर पर पाठकों को आगे बढ़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शनिवार को पुस्तक मेले में 35 हजार पाठकों की भीड़ पहुंची, जिस कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा टीमों द्वारा कई हॉल के कुछ गेट प्रवेश के लिए बंद कर दिए।      

महिलाओं के लिए निशुल्क सेफ्टी नैपकिन

पुस्तक मेले में सीएसआर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से महिलाओं के लिए निशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए। इन सेनेटरी नैपकिन के वितरण के लिए वेंडिंग मशीन लगाई गई। फाउंडेशन के अध्यक्ष दीनदयाल अग्रवाल ने बताया कि मिशन एएए के माध्यम से महिलाओं की सेफ्टी के लिए यह अभियान चलाया गया है।   

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