बेनामी संपत्ति: 30 लाख से ज्यादा वैल्यू वाली प्रॉपर्टी की जांच कर रहा आयकर विभाग
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बेनामी संपत्ति रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत आयकर विभाग एंटी बेनामी एक्ट के तहत 30 लाख से अधिक की संपत्तियों के ‘टैक्स प्रोफाइल’ की जांच कर रहा है। सीबीडीटी के चेयरमैन ने बताया कि विभाग उन मुखौटा कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ भी छानबीन कर रहा है, जिन पर सरकार की ओर से काले धन के खिलाफ अभियान के तहत रोक लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि आयकर विभाग ने अब तक 621 संपत्तियों को अटैच किया है। इनमें कुछ बैंक खाते भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट के तहत अब तक लगभग 1800 करोड़ रुपये की जांच हुई है।
नोटबंदी के बाद हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जांच होगी
नोटबंदी के बाद बैंकों में संदिग्ध नकदी जमा कराने और इस बारे में आरंभिक मैसेज का जवाब नहीं देने वालों को आयकर विभाग जल्द ही नोटिस जारी करेगा। इस बात की जानकारी मंगलवार को सीबीडीटी की ओर से दी गई। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने बताया कि आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि समाप्त होने के बावजूद काफी संख्या में संस्थाओं और लोगों ने रिटर्न फाइल नहीं की, जबकि नोटबंदी के बाद काले धन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की ओर से चलाए गए ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ के तहत ऐसा करना जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ के तहत कई कदम उठाए हैं। आयकर विभाग भी लोगों को रिटर्न भरने के लिए काफी समय दे चुका है। ट्रेड फेयर के कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में चंद्रा ने कहा कि रिटर्न भरने की अंतिम तिथि समाप्त होने के बावजूद काफी संख्या में लोगों ने रिटर्न नहीं भरा है।
ऐसे में आयकर विभाग अपने अगले कदम के तहत ऐसे लोगों को आयकर की धारा 142(1) के तहत नोटिस जारी करेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रिटर्न भरा है। उनके द्वारा नोटबंदी के बाद जमा कराए गए नकदी की भी जांच होगी, जिससे कि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अपने आय की सही जानकारी दी है या नहीं।
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पैराडाइज पेपर्स पर विस्तृत सूचना का इंतजार
मल्टी एजेंसी ग्रुप (एमएजी) को पैराडाइज पेपर्स में शामिल भारतीयों के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। ग्रुप इन लोगों के बारे में पूरी जानकारी मिलने के बाद ही छानबीन शुरू करना चाहता है। सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि इस पेपर्स में शामिल लोगों के बारे में अभी काफी कम जानकारी मिली है।
आईसीआईजे ने भी कहा है कि वह 15 नवंबर तक इनमें शामिल लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर देगा। इसके बाद ही इस मामले की जांच शुरू होगी।
नोटबंदी के बाद पैन आवेदन में 300 फीसदी की वृद्धि
- सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि नोटबंदी के बाद पैन कार्ड के लिए आवेदन में 300 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पहले पैन के लिए हर महीने करीब 2.5 लाख आवेदन आते थे, वहीं नोटबंदी के बाद यह संख्या 7.5 लाख प्रति माह पर पहुंच गई। चंद्रा ने कहा कि आयकर विभाग काले धन पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठा रहा है।
इसके तहत ही दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेन-देन पर रोक लगाई गई है। चंद्रा ने कहा कि पैन के लिए अधिक लोगों द्वारा आवेदन किए जाने से स्पष्ट है कि वे अपने कारोबार और वित्तीय लेन-देन को साफ-सुथरा रखना चाहते हैं।