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आयकर विभाग ने 3,300 करोड़ रुपये के हवाला रैकेट का किया भांडाफोड़
Mon, 11 Nov 2019 10:55 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Mon, 11 Nov 2019 10:55 PM IST
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आयकर विभाग
- फोटो : PTI
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हवाला धंधे में लगे गिरोह का पर्दाफाश किया है। सीबीडीटी के मुताबिक, आयकर विभाग ने 3,300 करोड़ रुपये के गैरकानूनी हवाला धंधे में लगे गिरोह का भांडाफोड़ किया है। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में फैला हुआ था। इसका संबंध बुनियादी संरचना क्षेत्र में कारोबार करने वाले कई शीर्ष कॉरपोरेट घरानों से है।
सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि टैक्स चोरी के इस बड़े खेल को उजागर करने के लिए दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, इरोड, पुणे, आगरा और गोवा में 42 परिसरों पर इस महीने के पहले सप्ताह में छापेमारी की गई थी। इसमें बुनियादी संरचना के शीर्ष कॉरपोरेट घरानों की ओर से फर्जी अनुबंधों और बिलों के जरिए टैक्स चोरी के बड़े रैकेट का पता चला है। हालांकि सीबीडीटी ने उन निकायों के नाम नहीं बताए जिनके परिसरों पर छापेमारी की गई।
सीबीडीटी ने दावा किया कि सार्वजनिक बुनियादी संरचनाओं पर खर्च की जाने वाली राशि का एंट्री ऑपरेटरों, लॉबी करने वालों और हवाला डीलरों के जरिये हेर-फेर किया गया। इस बयान में कहा गया कि पैसों का हेर-फेर करने में शामिल कंपनियां मुख्य तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और मुंबई में स्थित हैं।
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सीबीडीटी ने कहा कि जिन परियोजनाओं की राशि का हेर-फेर किया गया वे प्रमुख बुनियादी संरचना और आर्थिक तौर पिछड़ी श्रेणी से जुड़ी परियोजनाएं हैं। छापेमारी में आंध्र प्रदेश के एक नामी गिरामी शख्स को 150 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने के भी सबूत मिले हैं।
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सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि टैक्स चोरी के इस बड़े खेल को उजागर करने के लिए दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, इरोड, पुणे, आगरा और गोवा में 42 परिसरों पर इस महीने के पहले सप्ताह में छापेमारी की गई थी। इसमें बुनियादी संरचना के शीर्ष कॉरपोरेट घरानों की ओर से फर्जी अनुबंधों और बिलों के जरिए टैक्स चोरी के बड़े रैकेट का पता चला है। हालांकि सीबीडीटी ने उन निकायों के नाम नहीं बताए जिनके परिसरों पर छापेमारी की गई।
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सीबीडीटी ने दावा किया कि सार्वजनिक बुनियादी संरचनाओं पर खर्च की जाने वाली राशि का एंट्री ऑपरेटरों, लॉबी करने वालों और हवाला डीलरों के जरिये हेर-फेर किया गया। इस बयान में कहा गया कि पैसों का हेर-फेर करने में शामिल कंपनियां मुख्य तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और मुंबई में स्थित हैं।
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सीबीडीटी ने कहा कि जिन परियोजनाओं की राशि का हेर-फेर किया गया वे प्रमुख बुनियादी संरचना और आर्थिक तौर पिछड़ी श्रेणी से जुड़ी परियोजनाएं हैं। छापेमारी में आंध्र प्रदेश के एक नामी गिरामी शख्स को 150 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने के भी सबूत मिले हैं।