इसरो ने लॉन्च किया भारतीय जीपीएस सेवा का अंतिम सैटेलाइट, पीएम ने दी बधाई
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इसरो ने गुरुवार को भारत के पहले जीपीएस सैटेलाइट सेवा के अंतिम नेविगेशनल सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण कर दिया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से 12:30 बजे इसका प्रक्षेपण किया गया। इसके साथ ही भारत ने जीपीएस सेवा प्रणाली के क्षेत्र में अपने आपको स्थापित करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की इस सफलता पर बधाई दी।
PSLV-C33 successfully launches IRNSS-1G pic.twitter.com/3JhIOPsJZs
— ISRO (@isro) April 28, 2016
This is a precious gift given by Indian scientists to the people of nation: PM Narendra Modi #IRNSS-1G pic.twitter.com/4G7FoAanlo
— ANI (@ANI_news) April 28, 2016विज्ञापन
भारत जीपीएस सेवा के क्षेत्र में खुद को स्थापित करने की दिशा में पिछले कई सालों से काम कर रहा है जिसके लिए वह आईआरएनएसएस सैटेलाइट प्रणाली पर काम कर रहा है। इस प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुल सात सैटेलाइटों को स्थापित किया जाना था। इसमें से छह सैटेलाइटों को पहले ही अंतरिक्ष में स्थापित किया जा चुका है। गुरुवार को पीएसएसवी रॉकेट के जरिए सातवें और अंतिम सैटेलाइट का भी सफल प्रक्षेपण कर दिया गया।
इस सैटेलाइट के सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित हो जाने के बाद जल्द ही आईआरएनएसएस जीपीएस सिस्टम से शुरू होने की संभावना है। इसके शुरू होते ही भारत इस दिशा में स्वावलंबी हो जाएगा और उसकी अमेरिकी जीपीएस प्रणाली पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। गौरतलब है कि अब तक भारत अमेरिकी जीपीएस सिस्टम की सेवा लेता रहा है लेकिन स्वदेशी सेवा के शुरू होने के बाद अमेरिका पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। जीपीएस प्रणाली का इस्तेमाल भारतीय सेना के अलावा देश के कई प्रतिष्ठित संस्थान भी करते हैं। इसके अलावा स्मार्टफोन और कंप्यूटर पर भी जीपीएस प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है।