ISRO: गगनयान मिशन के जरिये अंतरिक्ष फतह की तैयारी, निदेशक बोले- मिशन चुनौतीपूर्ण लेकिन बढ़ा है आत्मविश्वास
इसरो के द्रव नोदन प्रणाली केंद्र (लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर - एलपीएससी) के निदेशक डॉ. वी नारायणन ने बताया कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण मिशन है।
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चंद्रमा और सूर्य के बाद अब अंतरिक्ष में फतह हासिल करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) गगनयान की तैयारियों में जुटा है। इसरो के द्रव नोदन प्रणाली केंद्र (लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर - एलपीएससी) के निदेशक डॉ. वी नारायणन ने बताया कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण मिशन है।
उन्होंने कहा कि चंद्रयान 3 की सफलता और आदित्य एल1 के सफल प्रक्षेपण के बाद वैज्ञानिकों का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। इस मिशन में तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचली कक्षा में ले जाया जाएगा। इन यात्रियों को तय कक्षा में 3 दिन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद सुरक्षित वापस लाया जाएगा। उन्हें भारतीय क्षेत्र के समुद्र में उतारा जाएगा। इस मिशन के जरिए भारत मानव को अंतरिक्ष में पहुंचाने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगा।
रॉकेट और मॉड्यूल
- मिशन को एलवीएम 3 रॉकेट के जरिए भेजा जाएगा।
- इसमें दो मॉड्यूल होंगे।
- ऑर्बिटल मॉड्यूल में अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
- क्रू मॉड्यूल में उन्हें वापस लाया जाएगा।
रोवर प्रज्ञान को चांद पर दिखी रंगबिरंगी रेत
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की थ्रीडी तस्वीर जारी की है। यह तस्वीर प्रज्ञान रोवर ने लैंडर से 15 मीटर की दूरी से ली थी। तस्वीर में विक्रम के आसपास की सतह रंगबिरंगी रेत से ढकी दिख रही है। दरअसल, यह नैवकैम से लिया गया ऐनग्लफ या मल्टीव्यू इमेज है। इसमें तीन चैनलों की दो तस्वीरों का मिश्रण है। एक तस्वीर रेड चैनल पर थी। दूसरी ब्लू और ग्रीन चैनल पर थी। दोनों को मिलाकर बनाने से यह तस्वीर सामने आई।