{"_id":"6827149af241b7df880da22d","slug":"isro-chief-v-narayanan-reached-tirumala-temple-sought-blessings-for-the-successful-launch-of-pslv-c61-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"ISRO: तिरुमला मंदिर पहुंचे इसरो प्रमुख वी नारायणन, पीएसएलवी-सी61 के सफल प्रक्षेपण के लिए मांगा आशीर्वाद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ISRO: तिरुमला मंदिर पहुंचे इसरो प्रमुख वी नारायणन, पीएसएलवी-सी61 के सफल प्रक्षेपण के लिए मांगा आशीर्वाद
Fri, 16 May 2025 04:04 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुपति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुपति
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 16 May 2025 04:04 PM IST
सार
इसरो के पीएसएलवी-सी61 का प्रक्षेपण 18 मई को सुबह 5.59 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा। शुक्रवार को तिरुमला मंदिर पहुंचे इसरो प्रमुख वी नारायण ने भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में पीएसएलवी-सी61 का छोटा मॉडल रखा।
विज्ञापन
इसरो प्रमुख वी. नारायणन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी नारायणन 101वें उपग्रह प्रक्षेपण के पहले शुक्रवार को तिरुमाला मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर की पूजा की। साथ ही उन्होंने 18 मई को प्रक्षेपित किए जाने वाले पृथ्वी अवलोकन उपग्रह आरआईएसएटी-18 व पीएसएलवी-सी61 के सफल प्रक्षेपण के लिए आशीर्वाद मांगा। पीएसएलवी-सी61 का प्रक्षेपण 18 मई को सुबह 5.59 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा।
तिरुमला मंदिर में शुक्रवार सुबह इसरो प्रमुख वी नारायणन ने अनुष्ठान में भाग लिया। उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में पीएसएलवी-सी61 का एक लघु मॉडल रखा तथा मिशन की सफलता व सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मांगा। वैदिक विद्वानों ने रंगनायकुला मंडपम में आशीर्वाद दिया। वहीं मंदिर के अधिकारियों ने तीर्थ प्रसादम (पवित्र जल) भेंट किया और नारायणन को रेशमी शॉल देकर सम्मानित किया।
ये भी पढ़ें: इसरो रविवार को प्रक्षेपित करेगा अपना 101 वां उपग्रह, देश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी मजबूत
विज्ञापन
इस मौके पर नारायणन ने कहा कि पीएसएलवी-सी61 के साथ यह 101वां मिशन इसरो के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह सभी मौसम में पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा तथा अंतरिक्ष आधारित समाधानों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
यह मिशन पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को सूर्य की समकालिक ध्रुवीय कक्षा (एसएसपीओ) में स्थापित करेगा। यह ऐसी कक्षा है जहां उपग्रह सूर्य के साथ निरंतर संरेखण बनाए रखता है।
पीएसएलवी-सी61 पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल की 63वीं उड़ान है। जबकि पीएसएलवी-एक्सएल का उपयोग करते हुए 27वीं उड़ान है। जबकि ईओएस-09 को विभिन्न क्षेत्रों में परिचालन अनुप्रयोगों के लिए रिमोट सेंसिंग डेटा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
ये भी पढ़ें: IAF ने पाकिस्तान की चीनी वायु रक्षा प्रणालियों को किया जाम, मिनटों में दिया था मिशन को अंजाम
इससे पहले इसरो अध्यक्ष ने कहा था कि हमने जनवरी में श्रीहरिकोटा से 100वां रॉकेट सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया था। भारत का 101वां उपग्रह- पृथ्वी अवलोकन उपग्रह आरआईएसएटी-18, ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी61) के जरिये 18 मई को प्रक्षेपित किया जाएगा। पीएसएलवी भारत की निगरानी और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को सशक्त बनाता है।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
तिरुमला मंदिर में शुक्रवार सुबह इसरो प्रमुख वी नारायणन ने अनुष्ठान में भाग लिया। उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में पीएसएलवी-सी61 का एक लघु मॉडल रखा तथा मिशन की सफलता व सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मांगा। वैदिक विद्वानों ने रंगनायकुला मंडपम में आशीर्वाद दिया। वहीं मंदिर के अधिकारियों ने तीर्थ प्रसादम (पवित्र जल) भेंट किया और नारायणन को रेशमी शॉल देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: इसरो रविवार को प्रक्षेपित करेगा अपना 101 वां उपग्रह, देश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी मजबूत
विज्ञापन
इस मौके पर नारायणन ने कहा कि पीएसएलवी-सी61 के साथ यह 101वां मिशन इसरो के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह सभी मौसम में पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा तथा अंतरिक्ष आधारित समाधानों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
यह मिशन पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को सूर्य की समकालिक ध्रुवीय कक्षा (एसएसपीओ) में स्थापित करेगा। यह ऐसी कक्षा है जहां उपग्रह सूर्य के साथ निरंतर संरेखण बनाए रखता है।
पीएसएलवी-सी61 पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल की 63वीं उड़ान है। जबकि पीएसएलवी-एक्सएल का उपयोग करते हुए 27वीं उड़ान है। जबकि ईओएस-09 को विभिन्न क्षेत्रों में परिचालन अनुप्रयोगों के लिए रिमोट सेंसिंग डेटा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
ये भी पढ़ें: IAF ने पाकिस्तान की चीनी वायु रक्षा प्रणालियों को किया जाम, मिनटों में दिया था मिशन को अंजाम
इससे पहले इसरो अध्यक्ष ने कहा था कि हमने जनवरी में श्रीहरिकोटा से 100वां रॉकेट सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया था। भारत का 101वां उपग्रह- पृथ्वी अवलोकन उपग्रह आरआईएसएटी-18, ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी61) के जरिये 18 मई को प्रक्षेपित किया जाएगा। पीएसएलवी भारत की निगरानी और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को सशक्त बनाता है।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन