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Israel Hamas war: इस्राइल-हमास पर भारत में दो फाड़, यहूदी देश के पक्ष में यज्ञ तो फलस्तीन के लिए खेमेबाजी

Thu, 12 Oct 2023 07:52 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 12 Oct 2023 07:52 PM IST
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सार
देश में हमास के समर्थक खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया ने उन्हें ऐसा मंच दे दिया है जहां लोग खुलकर हमास का भी समर्थन कर रहे हैं। इनका कहना है कि हमास के लोग अपनी धरती को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। वे इन्हें आतंकवादी भी नहीं मान रहे हैं...
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Israel Hamas war: India divided over Israel Hamas on social media
Israel Hamas war - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

इस्राइल से दिल्ली की दूरी चार हजार किलोमीटर से ज्यादा है, लेकिन इस्राइल-हमास के बीच छिड़े युद्ध पर देश में दो फाड़ हो गया है। एक वर्ग खुलकर इस्राइल के साथ खड़ा है और इस्राइल की जीत के लिए यज्ञ-हवन कर रहा है, तो दूसरा वर्ग फलस्तीन के लोगों की जिंदगी की चिंता कर रहा है। सोशल मीडिया में भी लोग इस्राइल-हमास के बीच युद्ध की चर्चा कर रहे हैं और अपने-अपने तर्कों के जरिए अपने-अपने पक्ष को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। पहली बार यह विभाजन इस स्तर पर दिखाई पड़ रहा है। इसका कारण क्या है?

इस्राइल के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में यज्ञ-हवन किए जा रहे हैं। यज्ञकर्ताओं ने मीडिया से कहा कि यह यज्ञ इस्राइल-हमास के बीच चल रहे युद्ध में इस्राइल की जीत और वहां के पीड़ितों की शांति के लिए है। यज्ञ के जरिए वे युद्धग्रस्त इस्राइल को मदद देना चाहते हैं। ठीक इसी प्रकार का यज्ञ-हवन चुनावी राज्य राजस्थान के पुष्कर और गुजरात में भी किया जा रहा है। यहां भी इस्राइल समर्थकों ने कहा है कि आतंकवाद से पूरी दुनिया को छुटकारा दिलाने के लिए निर्णायक युद्ध लड़ा जाना चाहिए। अब आतंकवाद के कारण किसी निर्दोष की जान नहीं जानी चाहिए।     

दिल्ली भाजपा की नेता टीना शर्मा ने इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर कहा है कि पूरा देश इस्राइल के साथ खड़ा है। पोस्टर में प्रधानमंत्री मोदी और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हाथ मिलाती तस्वीर लगाई गई है। इसी प्रकार का समर्थन भाजपा के अन्य नेताओं ने भी किया है। हेमंता बिस्वा सरमा, बंडी संजय कुमार से लेकर कपिल मिश्रा तक ने खुलकर इस्राइल का साथ दिया है।

भारत को इस्राइल की तरह तैयार रहना चाहिए

सोशल मीडिया पर भी इस्राइल के समर्थन की बाढ़ आ गई है। एक समर्थक ने कहा है कि आज इस्राइल अरब देशों के बीच भी रहकर सुरक्षित है क्योंकि वह ताकतवर है। जिस प्रकार भारत पाकिस्तान, चीन और कई अन्य दुश्मनों के बीच खड़ा है, उसे भी ताकतवर रहना चाहिए।

हिंदुओं के लिए केवल एक देश

इस्राइल के समर्थकों ने कहा है कि जिस तरह यहूदियों के लिए पूरी दुनिया में केवल एक देश बचा है, उसी तरह हिंदुओं के लिए भी दुनिया में केवल एक देश हिंदुस्तान बचा है। यदि यहां भी किसी गैर धर्म के लोगों की ताकत बढ़ जाएगी, तो हिंदुओं का दुनिया से अस्तित्व मिट जाएगा। इन तर्कों से यह समझ में आता है कि भारत में इस्राइल-हमास का युद्ध किस तरह सांप्रदायिक दृष्टि से देखा जा रहा है और किन कारणों से इस्राइल का समर्थन कर रहे हैं।

हमास के समर्थक भी

देश में हमास के समर्थक खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया ने उन्हें ऐसा मंच दे दिया है जहां लोग खुलकर हमास का भी समर्थन कर रहे हैं। इनका कहना है कि हमास के लोग अपनी धरती को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। वे इन्हें आतंकवादी भी नहीं मान रहे हैं। फलस्तीन के पीड़ितों के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनाएं देखी जा रही हैं। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि सब कुछ ठीक चलते रहने के बीच हमास ने इस्राइल पर हमला कर फलस्तीन के आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।

मुंबई आतंकी हमले से जोड़कर देख रहे लोग

ब्रिगेडियर भुवनेश चौधरी (रिटायर्ड) ने अमर उजाला से कहा कि भारत लंबे समय तक आतंकवाद पीड़ित देश रहा है। मुंबई का हमला इतना भयानक था कि उससे देश के अवचेतन मस्तिष्क पर बहुत गहरा पड़ा। इसके पहले आईएसआईएस के निर्दोष लोगों के गले काटे जाने के वीडियो से दुनिया हतप्रभ रह गई थी। अमेरिका की 9/11 की घटना ने लोगों को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया था कि आखिर बिना कोई अपराध किए भी वे अपने घरों में भी कब तक सुरक्षित रह सकते हैं?

जब हमास ने इस्राइल के निरपराध लोगों पर हमला किया, और हमास आतंकियों के द्वारा इस्राइल के बच्चों-महिलाओं के साथ होते हुए अत्याचार को देखा, तो हमारे देश में भी लोगों को उसी दर्द का अनुभव हुआ। यही कारण है कि अब लोग किसी भी तरह के आतंकवाद को स्वीकार नहीं कर रहे और खुलकर इस्राइल के साथ खड़े हैं। सोशल मीडिया पर चल रही प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि अब ऐसे लोग भी कटघरे में खड़े होंगे जो किसी भी कारण से आतंकियों के साथ खड़े दिखाई पड़ते हैं।

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