ISIS Module Case: 'आतंकियों ने भोले-भाले मुस्लिम युवाओं की भर्ती की बनाई थी योजना', आरोप-पत्र में NIA का दावा
ISIS Module Case: आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में महाराष्ट्र में कई छापों के दौरान जुलाई 2023 में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने दायर आरोपपत्र में कहा है कि आरोपियों ने भारत में आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
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आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार किए गए छह लोग प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहे थे और भोले-भाले मुस्लिम युवाओं के बीच इसकी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में यहां एक अदालत में दायर अपने आरोपपत्र में यह दावा किया।
आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में महाराष्ट्र में कई छापों के दौरान जुलाई 2023 में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने गुरुवार को दायर आरोपपत्र में कहा है कि आरोपियों ने भारत में आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की योजना बनाई थी। उनकी पहचान ताबिश सिद्दीकी, जुल्फिकार अली, शरजील शेख और आकिफ अतीक नाचन, जुबैर शेख और अदनाली सरकार के रूप में हुई थी।
विशेष एनआईए न्यायाधीश एके लाहोटी की अदालत में दायर 4000 पन्नों के आरोपपत्र में 16 संरक्षित गवाह हैं। आरोप पत्र में कहा गया कि जांच के दौरान पता चला था कि आरोपियों ने भारत में आईएसआईएस को समर्थन दिखाने के लिए आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की योजना बनाई थी और बोरीवली (ठाणे जिले में) में बैठकें आयोजित की गई थीं।
इसके मुताबिक, गवाहों के बयान से यह स्पष्ट है कि आरोपियों ने छोटी मस्जिद, पडघा-बोरीवली में कई बैठकें की थीं। जिसमें वे आईएसआईएस के लिए भोले-भाले मुस्लिम युवाओं की भर्ती की योजना बनाते थे। आईएसआईएस की गतिविधियों को आगे बढ़ाते थे, दाएश की विचारधारा का प्रचार करते थे।
इसमें आगे कहा गया है कि वे सभी प्रतिबंधित आईएसआईएस संगठन के सदस्य हैं और उन्होंने लोगों के बीच भय और आतंक पैदा करने और भारत की सुरक्षा, इसके धर्मनिरपेक्ष लोकाचार और संस्कृति के साथ-साथ शासन की लोकतांत्रिक प्रणाली को खतरे में डालने के इरादे से संगठन की आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की साजिश रची थी।
आरोपपत्र में कहा गया है कि आरोपी अपने संपर्कों के साथ डीआईवाई (डू इट योरसेल्फ) किट साझा कर रहे थे और अपनी आतंकी योजनाओं और डिजाइनों के वित्तपोषण के लिए धन जुटा रहे थे। इसके मुताबिक, उन्होंने युवाओं की भर्ती की और उन्हें आईईडी और हथियारों (छोटे हथियारों) के निर्माण में प्रशिक्षित किया, जिसके लिए उन्होंने आपस में डीआईवाई किट सहित प्रासंगिक सामग्री साझा की।