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Iran: इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों समेत राष्ट्रपति को भी बनाया था निशाना; बैठक छोड़कर भागे थे पेजेशकियान

Mon, 14 Jul 2025 08:16 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 14 Jul 2025 08:16 AM IST
सार

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान जून में इस्राइली मिसाइल हमले में घायल हो गए। हमला तेहरान में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक को निशाना बनाकर किया गया था। इसके बाद राष्ट्रपति को आपातकालीन रास्ते से बाहर निकाला गया था। इस्राइल पर हमले की सटीक जानकारी होने से जासूसी की आशंका है। ईरान ने चेतावनी दी कि इसका जवाब जरूर दिया जाएगा और इस्राइल को इसकी कीमत चुकानी होगी।

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Iran israel Conflict benjamin netanyahu attack President Masoud Pezeshkian missile fired security meeting
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन। - फोटो : एक्स/@drpezeshkian

विस्तार

तेहरान में 15 जून को एक बेहद गोपनीय मीटिंग के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान पर इस्राइल ने हवाई हमला किया। इस हमले में राष्ट्रपति को पैर में हल्की चोटें आईं और उन्हें आपातकालीन रास्ते से भागना पड़ा। यह हमला ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक को निशाना बनाकर किया गया था। इस बैठक में तीनों प्रमुख शाखाओं के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।
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राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन को दिए एक इंटरव्यू में हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे। राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि इस हमले के पीछे अमेरिका नहीं, बल्कि इजरायल था। वे उस समय एक बैठक में थे, जब हमला हुआ।
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सीधे निकास द्वारों पर दागी गईं मिसाइलें
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने बैठक स्थल की इमारत पर छह मिसाइलें दागीं, जिनका लक्ष्य निकास द्वारों और वेंटिलेशन को ब्लॉक करना था ताकि कोई बाहर न निकल सके। धमाकों के बाद बिजली आपूर्ति बंद हो गई, लेकिन आपातकालीन रास्तों से सभी अधिकारी, जिनमें राष्ट्रपति भी शामिल थे, सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
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गुप्तचर नेटवर्क की जांच शुरू
ईरानी अधिकारियों ने इस हमले को लेकर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यह शक जताया जा रहा है कि इजरायल को हमले से पहले जो सटीक जानकारी मिली, उसके पीछे देश के भीतर जासूसों का हाथ हो सकता है। सरकार अब यह जांच कर रही है कि कहीं अंदर से कोई जानकारी तो नहीं लीक हुई थी।

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इस्राइल को चुकानी पड़ेगी कीमत- ईरान
ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस हमले का बदला जरूर लिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह हमला यूं ही नहीं जाएगा, इजरायल को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने यह भी बताया कि यह हमला तीनों प्रमुख सरकारी शाखाओं के प्रमुखों की हत्या कर सत्ता को अस्थिर करने के मकसद से किया गया था।


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खूनी संघर्ष के बाद युद्धविराम
गौरतलब है कि यह हमला इजरायल द्वारा 13 जून को शुरू की गई बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद हुआ है, जिसमें ईरान के कई सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए थे। ईरान के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 1,060 लोग मारे गए हैं, जबकि ईरान की जवाबी कार्रवाई में इजरायल में 28 लोगों की मौत हुई। इसके बाद अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू किया गया।

ईरान के राष्ट्रपति पर हुआ यह हमला ना सिर्फ दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि इजरायल अब ईरान की टॉप लीडरशिप को भी निशाना बना रहा है। आने वाले दिनों में इस हमले का राजनीतिक और सैन्य असर गहरा हो सकता है।

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