इप्सोस की विश्वसनीयता निगरानी रिपोर्ट: भारतीयों का अपनी सरकार पर भरोसा ज्यादा, विकसित देशों को छोड़ा पीछे
सर्वे में 25 जून से 9 जुलाई 2021 के बीच 27 देशों के 20 हजार लोगों के ऑनलाइन इंटरव्यू हुए। इनमें 16 से 75 साल तक के लोग शामिल हुए।
विस्तार
ऐसे वक्त में जब अधिकतर देशों में जनता अपनी सरकारों पर संदेह करती है, भारतीयों का अपनी सरकार में पूरा विश्वास है। इस मामले में हमने अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जापान जैसे विकसित देशों को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है। ये दावे फ्रांस की मार्केट रिसर्च व कंसल्टिंग फर्म इप्सोस ने अपनी वैश्विक विश्वसनीयता निगरानी रिपोर्ट में किए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार में अविश्वास नई बात नहीं है, लेकिन इससे अनिश्चितता भरे समय में सत्ताधारी पार्टियों को चुनौती देने व अस्थिरता लाने वाले आंदोलन खड़े होते हैं। इसी के लिए जनता का सरकार और सरकारी संस्थानों में विश्वास मापा जाता है। इस सर्वे में 25 जून से 9 जुलाई 2021 के बीच 27 देशों के 20 हजार लोगों के ऑनलाइन इंटरव्यू हुए। इनमें 16 से 75 साल तक के लोग शामिल हुए।
चीन में आंकड़े छुपाए: रिपोर्ट में चीन की मीडिया, कॉरपोरेशन पर विश्वास के आंकड़े तो हैं, लेकिन सरकार और योजनाओं पर विश्वास की जानकारी छुपा ली गई है। इसे चीनी सरकार का दबाव माना जा रहा है।
भारत की स्थिति
- 48 फीसदी भारतीय अपनी सरकार को विश्वसनीय मानते हैं
- यह विश्व में सबसे ज्यादा और वैश्विक औसत 20 फीसदी से करीब ढाई गुना है।
- 47 फीसदी भारतीयों को मीडिया में विश्वास
- वैश्विक औसत 24 फीसदी से दोगुना है। चीन और सऊदी अरब ही भारत से ऊपर हैं।
- 47 फीसदी ने फार्मा कंपनियों को विश्वसनीय माना।
- 42 फीसदी ने तेल और गैस कंपनियों को विश्वसनीय माना।
- 48 फीसदी ने वाहन कंपनियों को विश्वसनीय माना।
सूचकांक में अधिकतर देश माइनस में
- सरकार में विश्वास : भारतीयों को सर्वाधिक 10 अंक। जर्मनी, नीदरलैंड और मलयेशिया शून्य के करीब रहे।
- माइनस 50 से नीचे : कोलंबिया, दक्षिण, अफ्रीका, चिली, अर्जेंटीना।
- माइनस 20 से माइनस 40 के बीच : अमेरिका, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन, कनाडा, तुर्की, रूस।
- सरकारी सेवाओं में विश्वास : जापान, मलयेशिया और कनाडा के बाद भारतीय चौथे हैं। अधिकतर देशों के नागरिकों ने सरकार के मुकाबले सरकारी योजनाओं में ज्यादा विश्वास जताया।
विश्वास के चार पैमाने
- डॉक्टर-शिक्षकों और सैनिकों पर सबसे ज्यादा विश्वास।
- मंत्री-नेताओं पर सबसे कम।
पूरा है विश्वास
| पेशा | विश्वास | अविश्वास |
| डॉक्टर | 66 फीसदी | 10 फीसदी |
| वैज्ञानिक | 61 फीसदी | 10 फीसदी |
| शिक्षक | 55 फीसदी | 11 फीसदी |
| सैनिक | 42 फीसदी | 19 फीसदी |
मिला-जुला विश्वास
| पेशा | विश्वास | अविश्वास |
| पुलिस | 37 फीसदी | 28 फीसदी |
| जज | 34 फीसदी | 28 फीसदी |
| वकील | 29 फीसदी | 28 फीसदी |
अविश्वास ज्यादा
| पेशा | विश्वास | अविश्वास |
| न्यूज एंकर | 27 फीसदी | 30 फीसदी |
| धर्मगुरु | 25 फीसदी | 36 फीसदी |
| नौकरशाह | 24 फीसदी | 30 फीसदी |
| पत्रकार | 23 फीसदी | 34 फीसदी |
अविश्वास ही अविश्वास
| विश्वास | अविश्वास | |
| विज्ञापन | 15 फीसदी | 37 फीसदी |
| मंत्री | 14 फीसदी | 54 फीसदी |
| राजनेता | 10 फीसदी | 63 फीसदी |
आंकड़े : वैश्विक, प्रतिशत में