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महज नौ फीसदी महिलाओं की नजर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुरक्षित
Thu, 07 Mar 2019 07:15 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 07 Mar 2019 07:15 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
देश में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाली केवल नौ फीसदी महिलाएं और 11 प्रतिशत पुरुष इसें सुरक्षित मानते हैं। वहीं इनमें से तीन प्रतिशत महिलाएं और पुरुषों ने इसे असुरक्षित बताया है।
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ज्यादातर महिलाएं पब्लिक ट्रांसपोर्ट को असुरक्षित मानती हैं। इसका कारण यह है कि सफर के दौरान इन सार्वजनिक परिवहन में उन्हें अभद्र भाषा, घूरना, सीटी बजाना और छेड़छाड़ उत्पीड़न जैसी कई परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। वहीं रिपोर्ट के अनुसार लगभग 35 प्रतिशत पुरुषों और महिलाओं को लगता है कि सार्वजनिक परिवहन रात के समय के अलावा दिन में सुरक्षित है।
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11 शहरों में 9,935 महिलाओं पर किए गए सर्वेक्षण में 96 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सस्ता, जल्दी पहुंचाने वाला व सुरक्षित विकल्प है। वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि 89 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन सूचना प्रणाली को और भी बेहतर किया जा सकता है ताकि आसानी से जानकारी उपलब्ध हो सके और आवाजाही आसान हो।
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