Budget: 'पूरी दुनिया में बढ़ी महंगाई और भारत में...' अंतरिम बजट से पहले IMF के कार्यकारी निदेशक ने कही ये बात
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट आज लोकसभा में पेश होगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें यह ध्यान रखना होगा कि यह लेखानुदान है। पूर्ण बजट चुनाव के बाद जून या जुलाई में पेश किया जाएगा, इसलिए इस बजट में ज्यादा उपाय नहीं किए गए होंगे।
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#WATCH | Delhi | Ahead of the presentation of the Union Interim Budget today, KV Subramanian - Executive Director of the IMF and former Chief Economic Advisor to the Government of India says, "First of all, we need to keep in mind that this is a vote on account...The full budget… pic.twitter.com/woWe4pgOo7
— ANI (@ANI) February 1, 2024विज्ञापन
'महामारी के दौरान नई नीतियों को हमने अपनाया था'
केंद्रीय अंतरिम बजट के पेश होने से पहले पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि मैं कहा था कि विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक रहेगी और वास्तव में आंकड़ें यही हैं। कोविड महामारी के दौरान हमने कई नीतियों को अपनाया था, जिसका लाभ हमें देखने को मिला है। पूंजीगत व्यय में लगभग 3.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। जब आप विकास दर को देखते हैं, तो आपको याद होगा कि महामारी के दौरान लोगों ने इस पर विश्वास नहीं किया था। भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है। आईएमएफ भी इसे स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।
#WATCH | Delhi | Ahead of the presentation of the Union Interim Budget today, KV Subramanian - Executive Director of the IMF and former Chief Economic Advisor to the Government of India says, "...If you look at the growth rate, you must remember that when there was pandemic and… pic.twitter.com/N2uoUWdp8g
— ANI (@ANI) February 1, 2024
दुनिया के मुकाबले भारत में महंगाई काबू में- सुब्रमणयम
केंद्रीय अंतरिम बजट से पहले आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक और भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि वैश्विक बाजार अभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है क्योंकि महामारी के दौरान खर्च के कारण महंगाई हुई। इसे नीचे लाने के लिए ब्याज दरों को बढ़ा दिया है, इसलिए ब्याज दरें अभी तक कम नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि वहीं भारत की स्थिति पूरी तरह से अलग है। भारत में महंगाई काबू में हैं। आने वाले समय में नीतिगत दरें भी कम हो सकती हैं। लेकिन आप अगर समग्र रूप से चीजों को देखते हैं तो राजकोषीय घाटा कम किया जा सकता है। चालू खाता घाटा अच्छी स्थिति में हैं। भारत में महंगाई भी नियंत्रण में है। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं है कि महामारी के प्रभावों पर पूरी तरह भारत ने काबू पा लिया है।
#WATCH | Delhi | Ahead of the presentation of the Union Interim Budget today, KV Subramanian - Executive Director of the IMF and former Chief Economic Advisor to the Government of India says, "Global has still not completely recovered because inflation resulted due to spending… pic.twitter.com/thEIBWTveH
— ANI (@ANI) February 1, 2024