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रोचक यात्रा: अपनी मां से मिलने लंदन से ठाणे तक एसयूवी चलाकर आया ब्रिटिश नागरिक, जानें कैसा रहा ये सफर

Mon, 24 Jun 2024 06:08 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा झा Updated Mon, 24 Jun 2024 06:08 PM IST
सार

ब्रिटिश मूल के भारतीय युवक ने अपनी मां से मिलने एसयूवी से लंदन से ठाणे तक की यात्रा की। 59 दिनों की यात्रा के बाद युवक ने अपनी मां को गले लगाया।

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Interesting journey: A British citizen drove SUV from London to Thane to meet his mother, know how journey was
मां से मिलने एसयूवी से पहुंचा युवक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपनी मां से मिलने की तड़प में एक भारतीय मूल का ब्रिटिश युवक लंदने से ठाणे तक एसयूवी चलाकर पहुंचा। 59 दिनों में 16 देशों से होते हुए लगभग 18,300 किलोमीटर की यात्रा के बाद वह भारत पहुंचा। 59 दिनों की यह यात्रा आसान नहीं रही, विभिन्न देशों के मौसम को झेलते हुए वह अपनी मां से मिला।
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मां से मिलने के लिए एक युवक ने एक अनोखी यात्रा तय की है। जिसके कारण वह सुर्खियों बटोर रहा है। एक भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक विराज मुंगाले अपनी मां से मिलने के लिए लंदन से ठाणे तक अपनी एसयूवी चलाकर आया। 59 दिन पहले लंदन से एसयूवी से निकला विराज 16 देशों से होते हुए 18,300 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद भारत पहुंचा। 
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विराज ने बताया कि वह प्रतिदिन लगभग 400-600 किलोमीटर की यात्रा करता था। उसने कभी-कभी 1,000 किलोमीटर तक की यात्रा भी की। विराज ने कहा कि हमेशा रात में ड्राइविंग से बचते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देता था।" उन्होंने बताया कि अक्सर रात का सफर करने से वे बचते थे। विराज ने बताया कि यात्रा के दौरान उनके सामने कई सारी चुनौतियां थीं। जैसे बीमारी, बर्फ और ठंड कहीं गर्म मौसम उनकी यात्रा में चुनौती बना। रास्ते में कहीं ठंड तो कहीं बर्फ, कहीं गर्मी तो कहीं धूल धूप। बावजूद 59 दिनों की चुनौतीपूर्ण यात्रा के बाद वे 17 जून को ठाणे पहुंचे। विराज ने बताया कि अब वह विमान से ब्रिटेन लौटेंगे। अपनी एसयूवी को जहाज से लाएंगे। 
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विराज मुंगाले ने बताया कि रास्ते में, उनके साथ नेपाली मित्र रोशन श्रेष्ठा भी थे। जो नेपाल के काठमांडू तक गए। विराज बताते हैं कि इस साहसिक यात्रा की प्रेरणा ऐतिहासिक सिल्क रूट के प्रति उनके आकर्षण से मिली। साथ ही ऐसे अन्य लोगों की कहानियों से भी मिली, जिन्होंने ऐसी ही यात्राएं की थीं। विराज ने बताया कि मां से मिलने के बाद उनकी थकान दूर हो गई।


इन दिनों से होते हुए लंदन से ठाणे पहुंचे
विराज के अनुसार, उन्होंने 18,300 किलोमीटर की दूरी तय की9।, जिसमें वे यूके, फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम, पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया, एस्टोनिया, रूस, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, चीन, तिब्बत, नेपाल और अंत में भारत पहुंचे।
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