फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Instructions to complete investigation into Jodhpur NLU student's death in two months

जोधपुर एनएलयू छात्र की मौत की जांच दो महीने में पूरी करने का निर्देश

Wed, 08 Jul 2020 11:19 PM IST
Rajeev Rai पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Wed, 08 Jul 2020 11:19 PM IST
विज्ञापन
Instructions to complete investigation into Jodhpur NLU student's death in two months
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

उच्चतम न्यायालय ने जोधपुर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एक छात्र की मौत के मामले की जांच को दो महीने में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने बुधवार को राजस्थान पुलिस को निर्देश दिया कि 2017 से चल रही जांच दो महीने के भीतर पूरी की जाए।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मृतक छात्र की मां की याचिका की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। मृतक छात्र विक्रांत नगाईच की मां नीतू कुमार नगाईच ने इस याचिका में यह मामला राजस्थान पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन


पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष सिंघवी को सुनने के बाद हमारा मत है कि उच्च न्यायालय के 24 फरवरी, 2020 के आदेश के तहत चल रही जांच दो महीने के भीतर पूरी कर इसकी अंतिम रिपोर्ट इस न्यायालय में पेश की जाये।’ शीर्ष अदालत इस मामले में अब सात सितंबर को आगे सुनवाई करेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र की मां चाहती हैं कि उनके पुत्र की अस्वाभाविक मृत्यु के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए सीबीआई को सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया जाए। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई की सहमति देते हुए राज्य तथा अन्य को नोटिस जारी किए थे।

याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि उसकी एकमात्र संतान की मृत्यु के करीब दस महीने बाद जून, 2018 में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस की जांच के तरीके से ऐसा लगता है कि यह किसी पहुंच वाले प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के लिए मिली भगत का नतीजा है।

याचिका के अनुसार तीन साल के अंतराल के बावजूद इस मामले में पुलिस ने अभी तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है। जांच भी जस की तस है और अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुयी है। 

याचिका में पुलिस की जांच में कथित रूप से अनेक खामियों की ओर इशारा किया गया है। याचिका के अनुसार 13 अगस्त, 2017 को विक्रांत अपने दोस्तों के साथ विश्वविद्यालय परिसर से करीब 300 मीटर दूर एक रेस्तरां में गया था और अगले दिन सवेरे रेलवे लाइन के पास उसका शव मिला था।


याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने गूगल या फेसबुक से कोई संपर्क नहीं किया और न ही उनके बेटे के मोबाइल फोन का डाटा प्राप्त करने का प्रयास किया जो 13 अगस्त, 2017 की रात उनके बेटे के आने जाने के बारे के सुराग प्राप्त करने में मददगार हो सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed