फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   INS Vikrant gets back its 'original' 1961 bell

INS Vikrant Bell: आईएनएस विक्रांत को उसकी घंटी वापस मिली, 1961 से 1997 तक पुराने आईएनएस विक्रांत पर लगी थी

Sun, 09 Apr 2023 08:03 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sun, 09 Apr 2023 08:03 PM IST
सार

INS Vikrant Bell: भारत ने 1961 में ब्रिटिश मूल का विमानवाहक पोत एचएमएस हरक्यूलिस खरीदा था और इसे भारतीय नाम आईएनएस विक्रांत दिया था। नेवी के अधिकारियों ने का, 'घंटी पहले आईएनएस विक्रांत पर थी, जिसने सेवा मुक्त होने से पहले 1997 तक सेवा दी थी। बाद में वहां से घंटी मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित भारतीय नौसेना के उप प्रमुख के आवास पर रखा गया था।

विज्ञापन
INS Vikrant gets back its 'original' 1961 bell
आईएनएस विक्रांत की घंटी - फोटो : ANI

विस्तार

आईएनएस विक्रांत को उसकी पुरानी घंटी वापस मिल गई है। दरअसल, पुराने आईएनएस विक्रांत पर लगाई गई घंटी अब देश के नवीनतम और पहले 'मेड-इन-इंडिया' विमान वाहक पोत नए आईएनएस विक्रांत पर लगाई गई है। पुराना आईएनएस विक्रांत जो 1961 से अगले 36 वर्षों तक भारतीय नौसेना का हिस्सा थी की जगह पर नए आईएनएस विक्रांत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कमीशन किया गया था।

विज्ञापन


बता दें कि भारत ने 1961 में ब्रिटिश मूल का विमानवाहक पोत एचएमएस हरक्यूलिस खरीदा था और इसे भारतीय नाम आईएनएस विक्रांत दिया था। नेवी के अधिकारियों ने का, 'घंटी पहले आईएनएस विक्रांत पर थी, जिसने सेवा मुक्त होने से पहले 1997 तक सेवा दी थी। बाद में वहां से घंटी मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित भारतीय नौसेना के उप प्रमुख 5, मोतीलाल नेहरू मार्ग पर रखा गया गया था।
विज्ञापन


अधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक रूप से घंटियों का युद्धपोतों पर युद्ध के दौरान और नाविकों की ओर से विभिन्न कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने में अहम योगदान रहता है। वे नाविकों को  कर्तव्य का निर्वहन के करने के साथ-साथ आपात स्थिति में भी मदद पहुंचाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नौसेना के सेवानिवृत्त उप प्रमुख वाइस एडमिरल एसएन घोरमाडे ने पिछले महीने 22 मार्च को आईएनएस विक्रांत को यह घंटी लौटाई थी। अधिकारियों ने कहा कि पूर्व उप प्रमुख ने घंटी लौटाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि बल को अपना पहला 'मेड-इन-इंडिया' स्वदेशी विमानवाहक पोत मिल सके।  यह युवाओं को अपने जहाज और भारतीय नौसेना के समृद्ध इतिहास के बारे में प्रेरित करने के एक बेहतर उद्देश्य की सेवा करेगा। नए युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 2 सितंबर को कोच्चि में कमीशन किया था, यह देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक जहाज है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed