फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   INS Karanj completed its marine trials now Indian Navy will include this submarine after 4 to 5 months

आईएनएस करंज समुद्री परीक्षण में सफल, चार-पांच महीने में नौसेना में होगी शामिल

Fri, 28 Aug 2020 02:32 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Fri, 28 Aug 2020 02:32 PM IST
विज्ञापन
INS Karanj completed its marine trials now Indian Navy will include this submarine after 4 to 5 months
INS Karanj - फोटो : pti

भारत वायुसेना के साथ-साथ नौसेना को भी मजबूत करने पर जोर डाल रहा है। भारत में बनी कलवरी क्लास की तीसरी पनडुब्बी आईएनएस करंज अब समुद्री परीक्षणों पर भी खरी उतरी है। भारतीय नौसेना इसे चार से पांच महीने में अपने बेड़े में शामिल कर सकती है। इस पनडुब्बी का साल 2018 में समुद्री परीक्षणों के लिए भेजा गया था। 

विज्ञापन



इससे पहले कलवरी औ खंडेरी पहले ही नौसेना में शामिल हो चुकी हैं, ये दोनों पनडुब्बियां भी कलवरी क्लास की बनी हैं। आईएनएस करंज की खासियत यह है कि यह सतह और पानी के अंदर से टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्चड एंटी शिप मिसाइल को दागने की क्षमता रखती हैं।
विज्ञापन


यह सटीक निशान लगाकर दुश्मन को नष्ट कर सकती है। कलवरी क्लास की छह पनडुब्बियों का निर्माण मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने फ्रांसीसी कंपनी मेसर्स नेवल ग्रुप के साथ किया है। ये पनडुब्बियां 50 दिनों तक समुद्र में रह सकती हैं और 350 मीटर तक गोता लगा सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये पनडुब्बी 37 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्र में चल सकती हैं। इस पनडुब्बी में टॉरपीडो लगे हैं, जिसकी मदद से किसी पनडुब्बी या समुद्र की सतह पर किसी जहाज को आसानी से तबाह किया जा सकता है। इसके अलावा ये पनडुब्बी समुद्र में बारूदी तरंगें भी बिछा सकती हैं। 


आईएनएस करंज स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की आधुनिक तकनीकियों से लैस है। इस पनडुब्बी में लंबी दूरी वाले मिशन पर जाने के दौरान ऑक्सीजन लेने के लिए सतह पर आने की जरुरत नहीं है। 

आईएनएस करंज की अन्य खासियतें

  • एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खुफिया जानकारी जुटाने, माइन लेयिंग और एरिया सर्विलांस जैसे मिशनों को अंजाम देने की क्षमता है 
  • अकुस्टिक साइलेंसिंग, लो रेडिएटेड नॉइज लेवल, हाइड्रो डायनेमिकली ऑपटिमाइज्ड शेप जैसी अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed