{"_id":"6836c7dc23d97e04ca0400be","slug":"influx-of-illegal-immigrants-threat-to-identity-existence-of-indigenous-people-says-ex-manipur-cm-biren-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manipur: 'अवैध घुसपैठिए संरक्षित इलाकों में कर रहे अतिक्रमण, नशे की खेती से फंडिंग', पूर्व सीएम का खुलासा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Manipur: 'अवैध घुसपैठिए संरक्षित इलाकों में कर रहे अतिक्रमण, नशे की खेती से फंडिंग', पूर्व सीएम का खुलासा
Wed, 28 May 2025 01:52 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 28 May 2025 01:52 PM IST
सार
एन बीरेन सिंह ने चिट्ठी में दावा किया कि 2023 में तीन सदस्यों वाली समिति बनाकर 5,457 अवैध अप्रवासियों की पहचान की गई, जिनमें अधिकतर म्यांमार के निवासी थे।
विज्ञापन
एन. बीरेन सिंह
- फोटो : PTI
विस्तार
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि अवैध अप्रवासियों की बड़े पैमाने पर घुसपैठ स्थानीय लोगों की पहचान और अस्तित्व के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि अनिगमित अवैध घुसपैठ से राज्य में नए गांव और कालोनियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। यह स्थानीय लोगों के अस्तित्व के लिए खतरा है। पूर्व सीएम ने इस पर चिंता जताते हुए राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को चिट्ठी लिखी है।
संरक्षित क्षेत्रों में हो रहा अतिक्रमण
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा नीत सरकार के दौरान साल 2017 से ही मणिपुर में सैंकड़ों अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित किया गया। उन्होंने मांग की कि कैबिनेट उप-समिति का गठन किया जाए, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर, सैटेलाइट मैपिंग करके और जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए ताकि अवैध घुसपैठ को रोका जा सके। एन बीरेन सिंह ने चिट्ठी में दावा किया कि 2023 में तीन सदस्यों वाली समिति बनाकर 5,457 अवैध अप्रवासियों की पहचान की गई, जिनमें अधिकतर म्यांमार के निवासी थे। पूर्व सीएम ने कहा कि ये घुसपैठिए संरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहे हैं और इससे पहचान संबंधी तनाव और अशांति भी बढ़ रही है।
ये भी पढ़ें- Manipur: मणिपुर में सरकार गठन की कवायद, NDA ने किया 44 विधायकों के समर्थन का दावा; अब राज्यपाल लेंगे फैसला
विज्ञापन
अवैध ड्रग कार्टेल से मिल रही फंडिंग
बीरेन सिंह ने दावा किया कि इन अवैध घुसपैठियों को अवैध ड्रग कार्टेल से फंडिंग मिल रही है। जिससे ये हथियारबंद लोग खतरा बन रहे हैं। इससे शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य जैसी जनसेवाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। अवैध अप्रवासियों के चलते म्यांमार और बांग्लादेश सीमा पर बड़े पैमाने पर नशे की खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 से 2023 के बीच 15,715 एकड़ इलाके में फैली अवैध नशे की खेती का नष्ट किया गया था।
ये भी पढ़ें- कांग्रेस बनाम कांग्रेस: 'भाजपा के सुपर प्रवक्ता बन गए हैं शशि थरूर', उदित राज ने पार्टी सांसद पर ही बोला हमला
विज्ञापन
संरक्षित क्षेत्रों में हो रहा अतिक्रमण
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा नीत सरकार के दौरान साल 2017 से ही मणिपुर में सैंकड़ों अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित किया गया। उन्होंने मांग की कि कैबिनेट उप-समिति का गठन किया जाए, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर, सैटेलाइट मैपिंग करके और जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए ताकि अवैध घुसपैठ को रोका जा सके। एन बीरेन सिंह ने चिट्ठी में दावा किया कि 2023 में तीन सदस्यों वाली समिति बनाकर 5,457 अवैध अप्रवासियों की पहचान की गई, जिनमें अधिकतर म्यांमार के निवासी थे। पूर्व सीएम ने कहा कि ये घुसपैठिए संरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहे हैं और इससे पहचान संबंधी तनाव और अशांति भी बढ़ रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Manipur: मणिपुर में सरकार गठन की कवायद, NDA ने किया 44 विधायकों के समर्थन का दावा; अब राज्यपाल लेंगे फैसला
विज्ञापन
अवैध ड्रग कार्टेल से मिल रही फंडिंग
बीरेन सिंह ने दावा किया कि इन अवैध घुसपैठियों को अवैध ड्रग कार्टेल से फंडिंग मिल रही है। जिससे ये हथियारबंद लोग खतरा बन रहे हैं। इससे शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य जैसी जनसेवाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। अवैध अप्रवासियों के चलते म्यांमार और बांग्लादेश सीमा पर बड़े पैमाने पर नशे की खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 से 2023 के बीच 15,715 एकड़ इलाके में फैली अवैध नशे की खेती का नष्ट किया गया था।
ये भी पढ़ें- कांग्रेस बनाम कांग्रेस: 'भाजपा के सुपर प्रवक्ता बन गए हैं शशि थरूर', उदित राज ने पार्टी सांसद पर ही बोला हमला