फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Inflation Pulses vegetable prices

कमरतोड़ महंगाई से हाहाकार, टमाटर 100 तो दाल 170 रुपये पार

Thu, 16 Jun 2016 04:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला,नई दिल्ली Updated Thu, 16 Jun 2016 04:51 AM IST
विज्ञापन
Inflation Pulses vegetable prices
दालों और सब्जियों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। दालों के दाम पहले ही आसमान छू रहे थे, अब पिछले कुछ दिनों में टमाटर समेत कई अन्य सब्जियां भी तेजी से महंगी हुई हैं।
विज्ञापन


महाराष्ट्र समेत देश के कुछ हिस्सों में तो टमाटर की कीमतें सौ रुपये किलो तक पहुंच गई। महंगाई पर अब नींद से जागी सरकार ने अब दालों की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाने का फैसला किया है, जिनमें म्यांमार और अफ्रीकी देशों से दाल का आयात करना, दालों का बफर स्टॉक बनाना तथा जमाखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना शामिल है।
विज्ञापन


दिल्ली की आजादपुर मंडी में सब्जियों के दामों में पिछले दस दिनों में 15 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इसमें भी टमाटर के दाम सबसे ज्यादा तेजी से बढ़े हैं। दालों की कीमत 170 रुपये और कई जगह टमाटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलो पहुंचने के मुद्दे पर बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बैठक में कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, खाद्य मंत्री रामबिलास पासवान, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण तथा शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू भी मौजूद थे। 

बैठक में शामिल एक अधिकारी के मुताबिक इस दौरान बताया गया कि कीमतें क्यों चढ़ीं और इस स्थिति से निबटने के लिए क्या हो सकता है। बैठक में बताया गया कि इस साल 1.15 लाख टन दालों की खरीद हो चुकी है, जिनमें से 10 हजार टन दाल राज्यों को जारी की जा चुकी है।

इसमें से और दालें शीघ्र ही कुछ और राज्यों को दी जाएंगी। यही नहीं, यदि जरूरत पड़ी तो और दाल का आयात किया जाएगा। इसके अलावा दालों का बफर स्टॉक बनाने पर भी सहमति बनी और निर्णय हुआ कि इसके लिए म्यांमार और अफ्रीकी देशों से दाल का आयात किया जाए। इस दौरान दाल के जमाखोरों पर भी कड़ी कार्रवाई करने पर सहमति बनी। 

बैठक के बाद पासवान ने बताया कि बैठक का मुख्य विषय दाल ही था। इस साल डेढ़ लाख टन दाल खरीद का लक्ष्य था, जिसमें से 1.15 लाख टन की खरीद हो चुकी है तथा अभी यह जारी है। उनके मुताबिक वित्त मंत्री ने सरकारी के साथ साथ निजी कंपनियों द्वारा भी दालों के भरपूर आयात की वकालत की ताकि दाम पर अंकुश लगाया जा सके।

लेकिन निजी आयातकों पर नजर भी रखी जाए कि वे दाल बाजार में बेच रहे हैं या गोदाम में भर रहे हैं।
 

इसलिए बढ़ी टमाटर की कीमतें

Inflation Pulses vegetable prices

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश की कमी के चलते टमाटर की फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते दाम बढ़े हैं। टमाटर की कीमतों की चर्चा करते हुए पासवान ने कहा कि इसकी कीमत बढ़ने का कारण मौसमी और स्थानीयहै। अभी टमाटर का मौसम नहीं है और इस समय सीमित इलाकों में इसकी खेती होती है। इसके साथ ही टमाटर की फसल ज्यादा दिन नहीं टिकती और इसका गेहूं-चावल की तरह स्टोरेज भी नहीं हो सकता है।

महंगाई के लिए राज्य भी जिम्मेदार : पासवान
खाद्य मंत्री रामविलास पासवान का कहना है कि दालों, सब्जियों की महंगाई के लिए केंद्र ही नहीं राज्य सरकारें भी जिम्मेदार हैं। केंद्र सरकार ने दालों का बफर स्टॉक भी बनाया है और राज्यों से भी अपनी जरूरत के बारे में बताने के लिए कहा है।

लेकिन ज्यादातर राज्यों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई है। इसके अलावा कालाबाजारियों पर लगाम लगाने की शक्तियां भी राज्य सरकारों के पास है। ऐसे में महंगाई के लिए केंद्र को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed