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चीन के खिलाफ भारत को मिल रहा इन देशों का साथ, ड्रैगन को चौतरफा घेरने की तैयारी

Sat, 04 Jul 2020 10:57 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Sat, 04 Jul 2020 10:57 AM IST
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Indo-China stand-off: Global support for India grows, Will tie up with other countries
चीन को चौतरफा घेरने की तैयारी मे भारत - फोटो : PTI

भारत ने चीन को चौतरफा घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। भारत उन देशों को साथ लाने जा रहा है जिनसे चीन का किसी न किसी बात को लेकर मतभेद है। भारत चीन की विस्तारवादी नीति से परेशान देशों के साथ मिलकर हिंद महासागर छेत्र में समुद्री सुरक्षा गठजोड़ को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाएगा।  

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भारत की कोशिश है कि दक्षिण चीन सागर और हिंद प्रशांत क्षेत्र में समान विचारधारा वाले देशों का गठजोड़ बनाया जाए। इनमें उन देशों को शामिल किया जा सकता है जो किसी न किसी रूप में चीन की अतिक्रमण नीति से परेशान हैं। क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान) में इसको लेकर विमर्श जारी है। 
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सूत्रों का कहना है कि भारत धरती से लेकर आकाश तक अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क है। वहीं, चीन की ओर से कोविड संक्रमण के बीच दिखाई गई आक्रामकता ने दुनिया के कई देशों को एक दूसरे के करीब ला दिया है। ये सभी देश चाहते हैं कि विस्तारवाद के खिलाफ एकजुट होकर काम करें।
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भारत की कूटनीतिक पहल और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित कुछ अन्य देशों के सक्रियता का असर है कि चीन के खिलाफ वैश्विक घेराबंदी तेज हो गई है। कोविड संक्रमण के बीच चीन के गैर जिम्मेदाराना रुख ने कई देशों को नाराज किया है। चीन पर कोविड मामले में सहयोग नहीं करने का आरोप लगा है।

भारत ने अपनी पुरानी नीति से इतर चीन के खिलाफ कूटनीतिक पहल को तेज किया है। सूत्रों ने कहा कि चीन की कार्रवाई और गलवां की घटना ने भारत और चीन के रिश्तों में गहरी खाई पैदा कर दी है और भारत किसी भी स्तर पर तैयारियों को लेकर चूक नहीं चाहता।

इन देशों की ऐसी है प्रतिक्रिया

अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर चीन पहले से ही है। वो पहले ही चीन पर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप लगा चुके है। इसके अलावा अमेरिका ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि एलएसी पर विवाद के लिए चीन पूरी तरह जिम्मेदार है।

फ्रांस
फ्रांस के रक्षामंत्री ने राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखकर भारतीय जवानों की शहादत पर दुख जताया था। फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने लिखा था ये सैनिकों, उनके परिवारों और राष्ट्र के खिलाफ एक कठिन आघात था। इस कठिन हालात में, मैं फ्रांसीसी सेना के साथ अपना समर्थन को व्यक्त करना चाहती हूं। फ्रांस की सेना आपके साथ खड़ी है।

जापान
जापान ने भी भारत का समर्थन किया है। जापान ने कहा कि वो नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने वाली किसी भी एकतरफा प्रयास का विरोध करता है। जापान के भारत में राजदूत सतोषी सुजूकी ने भारतीय विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, 'भारत सरकार के शांतिपूर्व समाधान के प्रयासों की मैं तारीफ करता हूं। जापान आशा करता है कि इस विवाद का शांतिपूर्वक समाधान होगा।' 

ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और चीन में बढ़ते तनाव के बीच वो अपने सैन्य खर्चों का बजट बढ़ाएंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि वो अगले 10 साल में सेना का बजट 270 अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर करेंगे।

दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (आसियान) के नेताओं ने दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है। सदस्य देशों के नेताओं ने कहा कि 1982 में हुई संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के आधार पर दक्षिण चीन सागर में संप्रभुता का निर्धारण किया जाना चाहिए।
 

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