'इंदिरा का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन': राउत ने वापस लिया बयान, कहा- गांधी परिवार के प्रति हमेशा रहा सम्मान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवसेना के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने अपने बयान से राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया है। उन्होंने बैठे बिठाए भाजपा को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका दे दिया था। हालांकि भारी हंगामे के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया है। उनका कहना है कि हमारे कांग्रेस दोस्तों को दुखी होने की जरुरत नहीं है।
राउत ने अपने करीम लाला से मिलने जाती थीं इंदिरा गांधी वाले बयान पर कहा, 'कांग्रेस में हमारे मित्रों को आहत होने की जरुरत नहीं है। यदि किसी को लगता है मेरे बयान से इंदिरा गांधी की छवि धक्का पहुंचा है या इससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं।'
बयान वापस लेने से मामला खत्म: बालासाहेब थोराट
वहीं, संजय राउत की टिप्पणी को ‘गलत’ बताते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने गुरुवार को कहा कि इस तरह के बयान बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। कांग्रेस ने इस बारे में अपनी आपत्ति से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी अवगत करा दिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने एक कदम आगे बढ़कर रहस्यमय तरीके से कहा कि उनकी पार्टी जो भी कीमत होगी, उसे चुकाने के लिए तैयार है लेकिन दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
हालांकि, बालासाहेब थोराट ने संजय राउत के बयान पर कहा, उनका बयान गलत था लेकिन उन्होंने इसे वापस ले लिया है इसलिए मामला खत्म हो गया है। उन्हें भविष्य में सावधानीपूर्वक रहना होगा। हमने उन्हें (उद्धव ठाकरे को) इससे अवगत कराया था।
इतिहास की समझ न रखने वालों ने इंदिरा पर मेरी टिप्पणी को तोड़ा-मरोड़ा: राउत
संजय राउत ने गुरुवार को सफाई देते हुए कहा कि मुंबई के इतिहास की समझ न रखने वालों ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ डाला। राउत के अनुसार, उनके कहने का आशय यह था कि करीम लाला पठान समुदाय के प्रतिनिधि थे और उनकी इसी हैसियत के कारण उनसे पूर्व प्रधानमंत्री की मुलाकात की वजह थी।पठान समुदाय के नेता के तौर पर करीम लाला से मिली थीं इंदिरा: संजय राउत
राउत ने ट्वीट किया, 'करीम लाला पठान समुदाय के नेता थे और 'पख्तून-इ-हिन्द' नाम के संगठन का नेतृत्व करते थे। इसलिए पठान समुदाय के नेता के तौर उन्होंने इंदिरा गांधी सहित कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। बहरहाल, जिन्हें मुंबई के इतिहास की जानकारी नहीं है, वे मेरे बयान को तोड़-मरोड़ रहे हैं।'
सियासी बवाल के बाद दी सफाई
इंदिरा गांधी को लेकर दिए बयान पर सफाई देते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का हमेशा सम्मान रहा है। जहां तक करीम लाला की बात है तो वो पठानों के नेता के तौर पर जाना जाता था। इसलिए उससे अन्य नेता मिला करते थे। उन्होंने कहा, 'मैंने इंदिरा गांधी, पंडित नेहरू, राजीव गांधी और गांधी परिवार के प्रति हमेशा सम्मान दिखाया है। विपक्ष में होने के बावजूद किसी ने ऐसा नहीं किया। जब भी लोगों ने इंदिरा गांधी को निशाना बनाया मैं उनके लिए खड़ा रहा। बहुत से राजनीतिक लोग करीम लाला से मिलने जाते थे। उस समय वक्त अलग था। वह पठान समुदाय का नेता था, वह अफगानिस्तान से आया था। इसलिए लोग पठान समुदाय की समस्याओं को लेकर उनसे मिलते थे।'