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पढ़ें, मौलाना ने कैसे बनाया सुभाष को पाक जासूस

Thu, 27 Oct 2016 08:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 27 Oct 2016 08:36 PM IST
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Indian spy who caught
मौलाना रमजान खान

राजस्थान के नागौर स्थित कुरैशियों की मस्जिद में इमामत कर मौलाना रमजान खान उर्फ हजरत पिछले 25 सालों से लोगों की आंखों में धूल झोंक रहा था। उसने समाज में अपनी इमेज भी अच्छी बनाई हुई थी। नागौर की मस्जिद में इमाम के अलावा वह मदरसे में बच्चों को कुरान भी पढ़ाता था।

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शुरू में उसने कपड़ों की दुकान भी की थी। डेढ़ साल पूर्व उसकी मुलाकात शुएब नामक युवक से हुई। मूलरूप से बाड़मेर, राजस्थान के रहने वाले मौलाना रमजान को गुजरात और राजस्थान के बॉर्डर इलाकों की अच्छी जानकारी थी।
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शोएब ने उससे कहा कि वह बॉर्डर पर सेना से जुड़ी जानकारियां देकर मोटा पैसा कमा सकता है। शोएब ने मौलाना की मुलाकात पीआईओ महमूद अख्तर उर्फ महबूब राजपूत से करवाई। महमूद ने मौलाना को बताया कि उसे किस तरह की जानकारियां चाहिए।
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कर्ज की वजह से सुभाष को फंसाया

Indian spy who caught
सुभाष जांगीर

कर्ज की वजह से सुभाष को फंसाया
मूलरूप से इनाना, नागौर राजस्थान का रहने वाले सुभाष जांगीर के पिता करीब 40 साल पहले नागौर सिटी में आ गए थे। यहां वह सरकारी स्कूल में पीटीआई हैं। सुभाष ने शहर में ही मौलाना के पड़ोस में किराने की दुकान खोली थी।

दुकान पर भारी घाटा होने के कारण सुभाष पर काफी कर्जा हो गया था। ऐसे में मौलाना ने उसे जासूसी का लालच देकर अपने साथ मिला लिया। सुभाष ने पुलिस को बताया कि वह दो-तीन भाई मौलाना के साथ दिल्ली आया था। यहां उसकी मुलाकात महमूद से हुई थी, जिसे इन लोगों ने सेना से जुड़ी अहम जानकारियां मुहैया करवाई थीं। 

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