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ट्रेन में तय वजन सीमा तक ले जा सकेंगे सामान: क्या है एयरपोर्ट जैसा यह नियम, कहां लागू होगा; उल्लंघन किया तो?
Wed, 20 Aug 2025 01:59 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 20 Aug 2025 01:59 PM IST
सार
भारतीय रेलवे यात्रियों के सामान के वजन और आकार को लेकर जो नियम प्रभावी करने जा रहा है, वह नया है या पुराना? और आखिर यह नियम है क्या? इसके तहत यात्री एक बार में कितना सामान ले जा सकते हैं? इस नियम के उल्लंघन पर क्या प्रावधान हैं? रेलवे इसे अब किस तरह और किन-किन स्टेशनों में लागू करने की तैयारी में है? आइये जानते हैं...
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भारतीय रेलवे।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय रेलवे अब आधुनिकीकरण के साथ यात्रियों के लिए पहले से तय कुछ नियमों को लागू करने में जुटा है। वेटलिस्ट टिकट वाले यात्रियों को ट्रेन में बिना वैध टिकट या जुर्माने के यात्रा की अनुमति न देने के नियम को सख्ती से लागू करने के बाद अब रेलवे प्रशासन यात्रियों के सामान की सीमा को भी नियमित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारतीय रेलवे यात्रियों के सामान के वजन और आकार को लेकर जो नियम प्रभावी करने जा रहा है, वह नया है या पुराना? और आखिर यह नियम है क्या? इसके तहत यात्री एक बार में कितना सामान ले जा सकते हैं? इस नियम के उल्लंघन पर क्या प्रावधान हैं? रेलवे इसे अब किस तरह और किन-किन स्टेशनों में लागू करने की तैयारी में है? आइये जानते हैं...
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारतीय रेलवे यात्रियों के सामान के वजन और आकार को लेकर जो नियम प्रभावी करने जा रहा है, वह नया है या पुराना? और आखिर यह नियम है क्या? इसके तहत यात्री एक बार में कितना सामान ले जा सकते हैं? इस नियम के उल्लंघन पर क्या प्रावधान हैं? रेलवे इसे अब किस तरह और किन-किन स्टेशनों में लागू करने की तैयारी में है? आइये जानते हैं...
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क्या पहली बार आ रहा है यात्रियों के सामान से जुड़ा नियम?
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के टिकट पर सामान के वजन और इसके आकार से जुड़े नियम पहले से ही बना रखे हैं। यानी सामान के वजन से जुड़ा नियम कोई नया नहीं है। हालांकि, इसे लागू अब किया जा रहा है।
रेलवे के इस नियम को लागू करने में देरी की वजह यह है कि स्टेशनों में अब तक यात्रियों के सामान का वजन मापने के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था थी ही नहीं। यानी सामान का आकार क्या है, इसका वजन कितना होगा, उसे मापने के लिए न तो तौल से जुड़ी मशीनें उपलब्ध थीं, न ही इनसे जुड़े स्केल।
ऐसे में रेलवे ने पहले यात्रियों के सामान की स्कैनिंग की व्यवस्था की, ताकि कोई भी ऐसा सामान यात्री गाड़ियों में न ले जा सकें, जो रेलवे नियमों में मान्य नहीं है। अब अधिकतर स्टेशनों में लगेज स्कैनर्स लगने के बाद रेलवे यात्रियों के सामान का वजन मापने की व्यवस्था भी लागू करने वाला है।
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के टिकट पर सामान के वजन और इसके आकार से जुड़े नियम पहले से ही बना रखे हैं। यानी सामान के वजन से जुड़ा नियम कोई नया नहीं है। हालांकि, इसे लागू अब किया जा रहा है।
रेलवे के इस नियम को लागू करने में देरी की वजह यह है कि स्टेशनों में अब तक यात्रियों के सामान का वजन मापने के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था थी ही नहीं। यानी सामान का आकार क्या है, इसका वजन कितना होगा, उसे मापने के लिए न तो तौल से जुड़ी मशीनें उपलब्ध थीं, न ही इनसे जुड़े स्केल।
ऐसे में रेलवे ने पहले यात्रियों के सामान की स्कैनिंग की व्यवस्था की, ताकि कोई भी ऐसा सामान यात्री गाड़ियों में न ले जा सकें, जो रेलवे नियमों में मान्य नहीं है। अब अधिकतर स्टेशनों में लगेज स्कैनर्स लगने के बाद रेलवे यात्रियों के सामान का वजन मापने की व्यवस्था भी लागू करने वाला है।
यात्रियों को अधिकतम कितना सामान ले जाने की अनुमति, जुर्माने के क्या प्रावधान?
1 अगस्त 2018 में रेलवे मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना के मुताबिक, भारतीय रेलवे में यात्रियों को उनके टिकट की श्रेणी के आधार पर अपने ही डिब्बे में तय सीमा तक सामान ले जाने की छूट है।
1 अगस्त 2018 में रेलवे मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना के मुताबिक, भारतीय रेलवे में यात्रियों को उनके टिकट की श्रेणी के आधार पर अपने ही डिब्बे में तय सीमा तक सामान ले जाने की छूट है।
- रेलवे के नियम के मुताबिक, अगर किसी यात्री के पास मुफ्त सीमा से ज्यादा सामान है तो वह कुछ अतिरिक्त रकम चुका कर अपने ही डिब्बे में सामान ले जा सकता है।
- अगर यह सीमा मुफ्त सीमा से ज्यादा, लेकिन अतिरिक्त सीमा तक के दायरे में है तो यात्री को लगेज कार में लगने वाली रकम के मुकाबले डेढ़ गुना ज्यादा रकम चुकानी होगी।
Indian Railways: एरोप्लेन की तरह अब ट्रेन में भी ले जा सकेंगे तय लिमिट में सामान, रेलवे लागू करने जा रहा नियम
* यात्री को मुफ्त सीमा तक रकम नहीं चुकानी होगी, हालांकि मुफ्त सीमा से ऊपर जितना वजन होगा, उसकी रकम देय होगी।
- कुल अधिकतम सीमा तक के लिए यात्री को पहले से बुकिंग कराना अनिवार्य है। अगर यात्री मुफ्त सीमा और अतिरिक्त सीमा से भी ज्यादा सामान ले जाता है और उसे सफर के दौरान या गंतव्य स्टेशन पर भी पकड़ा जाता है तो उसे मुफ्त सीमा से ऊपर के वजन पर लगेज कार में लगने वाली रकम के मुकाबले छह गुना ज्यादा रकम देनी होगी।
- अगर किसी यात्री के पास उसके डिब्बे में ही कुल अधिकतम सीमा से ज्यादा सामान मिलता है तो रेलवे उससे मुफ्त सीमा से अतिरिक्त वजन पर छह गुना ज्यादा जुर्माना वसूल सकता है।
- ऐसे में अगर यात्रियों के पास अधिकतम सीमा से ज्यादा वजन है, तो उसके लिए अलग लगेज बोगी (सामान ले जाने के लिए तय बोगी) में बुकिंग आवश्यक है। इसे पहले से बुक कराया जा सकता है और ट्रेन में ही ब्रेक वैन में रखकर ले जाया जाता है।
आकार को लेकर भी लागू हैं नियम?
वजन के नियम के अलावा सामान के आकार को लेकर भी पहले से कुछ नियम लागू हैं। यात्रियों को 100 सेमी.x 60 सेमी.x 25 सेमी. माप (लंबाईxचौड़ाईxऊंचाई) के बड़े बक्से, सूटकेस और डिब्बे निजी सामान के तौर पर ले जाने की अनुमति है। अगर यात्रियों का सामान इन मानकों में कहीं भी ज्यादा होता है तो उन्हें बुक कराना जरूरी है। इन्हें अलग ब्रेक वैन में ले जाया जाता है। थर्ड एसी और चेयर कार में यात्रियों को इससे भी छोटे आकार के बक्से और सूटकेस ले जाने की इजाजत होती है। यह आकार 55 सेमी.x 45 सेमी.x 22.5 सेमी. से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
वजन के नियम के अलावा सामान के आकार को लेकर भी पहले से कुछ नियम लागू हैं। यात्रियों को 100 सेमी.x 60 सेमी.x 25 सेमी. माप (लंबाईxचौड़ाईxऊंचाई) के बड़े बक्से, सूटकेस और डिब्बे निजी सामान के तौर पर ले जाने की अनुमति है। अगर यात्रियों का सामान इन मानकों में कहीं भी ज्यादा होता है तो उन्हें बुक कराना जरूरी है। इन्हें अलग ब्रेक वैन में ले जाया जाता है। थर्ड एसी और चेयर कार में यात्रियों को इससे भी छोटे आकार के बक्से और सूटकेस ले जाने की इजाजत होती है। यह आकार 55 सेमी.x 45 सेमी.x 22.5 सेमी. से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
रेलवे इसे अब किस तरह और किन-किन स्टेशनों में लागू करने की तैयारी में है?
भारतीय रेलवे अब यात्रियों के सामान को लेकर जिन नियमों को लागू करने वाला है, उसके मुताबिक रेलवे स्टेशनों पर सामान की स्कैनिंग से जुड़ी मशीनों के साथ ही इसके वजन को मापने से जुड़ी मशीनें भी लगाई जाएंगी। यानी हर यात्री को अपने साथ लाए सामान का इन मशीनों पर माप कराना होगा। अगर स्टेशन पर ही यात्री का सामान तय सीमा से ज्यादा मिलता है तो वहीं अतिरिक्त चार्ज या जुर्माना देकर वे अपने सामान को साथ में डिब्बे में या लगेज कार में ले जा सकता है।
ट्रेन में फ्लाइट वाला नियम: बैग भारी हुआ तो भरना होगा जुर्माना, जानें किसी क्लास में ले जा सकते कितना KG सामान
उत्तर-मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज डिवीजन के वरिष्ठ संभागीय वाणिज्यिक प्रबंधक (डीसीएम) हिमांशु शुक्ला के मुताबिक, इस कद के जरिए रेलवे यात्रा को ज्यादा आरामदेह और बेहतर बनाना चाहता है। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में।
भारतीय रेलवे अब यात्रियों के सामान को लेकर जिन नियमों को लागू करने वाला है, उसके मुताबिक रेलवे स्टेशनों पर सामान की स्कैनिंग से जुड़ी मशीनों के साथ ही इसके वजन को मापने से जुड़ी मशीनें भी लगाई जाएंगी। यानी हर यात्री को अपने साथ लाए सामान का इन मशीनों पर माप कराना होगा। अगर स्टेशन पर ही यात्री का सामान तय सीमा से ज्यादा मिलता है तो वहीं अतिरिक्त चार्ज या जुर्माना देकर वे अपने सामान को साथ में डिब्बे में या लगेज कार में ले जा सकता है।
ट्रेन में फ्लाइट वाला नियम: बैग भारी हुआ तो भरना होगा जुर्माना, जानें किसी क्लास में ले जा सकते कितना KG सामान
उत्तर-मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज डिवीजन के वरिष्ठ संभागीय वाणिज्यिक प्रबंधक (डीसीएम) हिमांशु शुक्ला के मुताबिक, इस कद के जरिए रेलवे यात्रा को ज्यादा आरामदेह और बेहतर बनाना चाहता है। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में।
पहले चरण में किन स्टेशनों में लागू होगी सुविधा?
- प्रयागराज जंक्शन
- प्रयागराज छिवकी
- सूबेदारगंज
- मिर्जापुर
- कानपुर सेंट्रल
- गोविंदपुरी
- इटावा
- टूंडला
- अलीगढ़ जंक्शन