गुरुद्वारा सर्किट ट्रेन: पंजाब चुनाव से पहले मोदी सरकार कर रही सिखों को तोहफा देने की तैयारी
रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट के बाद गुरुद्वारा सर्किट सबसे नया प्रोजेक्ट होगा। महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से लोगों को अवगत कराने के लिए जल्द ही 'गांधी सर्किट स्पेशल ट्रेन' शुरू करने की भी योजना है। इसी तर्ज पर कुछ और विशेष सर्किट भी शुरू किए जा सकते हैं...
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नए कृषि कानूनों के विरोध में बैठे पंजाब-हरियाणा के सिख किसानों को साधने के लिए भारतीय रेलवे सिख श्रद्धालुओं के लिए 'गुरुद्वारा सर्किट ट्रेन' चलाने की योजना पर काम कर रहा है। पंजाब के अमृतसर में शुरू और समाप्त होने वाली ये 11 दिवसीय यात्रा कम से कम चार प्रमुख गुरुद्वारों को कवर करेगी। इनमें अमृतसर में हरमिंदर साहिब, बिहार की राजधानी पटना में पटना साहिब, महाराष्ट्र के नांदेड़ में हजूर नांदेड़ साहब और भटिंडा में दमदमा साहिब शामिल हैं। इस ट्रेन में अंबाला, सहारनपुर, लखनऊ, मनमाड, सूरत, अहमदाबाद, जयपुर, बठिंडा और अमृतसर सहित कई स्टॉपेज होंगे।
रेल मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे इस तरह की कई योजनाओं पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य आम लोगों को देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति जागरूक बनाना है। रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट के बाद गुरुद्वारा सर्किट सबसे नया प्रोजेक्ट होगा। महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से लोगों को अवगत कराने के लिए जल्द ही 'गांधी सर्किट स्पेशल ट्रेन' शुरू करने की भी योजना है। इसी तर्ज पर कुछ और विशेष सर्किट भी शुरू किए जा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरुद्धारा सर्किट स्पेशल ट्रेन में स्लीपर क्लास और एसी क्लास समेत 16 कोच होंगे। एसी क्लास में एक यात्री के लिए यात्रा की लागत 900-1000 रुपये प्रति यात्री प्रति दिन के बीच होगी। यह सर्किट ट्रेन लीजिंग मॉडल पर चलाई जाएगी। इस ट्रेन में स्लीपर और एसी कोच दोनो होंगे। निजी आपरेटर द्वारा इसका किराया तय किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रेन में एक पेंट्री कार की भी व्यवस्था की जाएगी, लेकिन यात्रियों को एडवांस में भोजन बुक कराना होगा।
जानकारी के अनुसार, भारतीय रेलवे चार से पांच हजार रेल कोच तैयार कर रहा है, जिसे प्राइवेट आपरेटरों को शर्तो के साथ लीज पर दिया जाएगा। इसमें न्यूनतम पांच साल की शर्त शामिल होगी। इस अवधि के दौरान आपरेटर रेलवे कोच की और संचालन की देखरेख की जवाबदेही रेलवे की होगी। अब तक करीब 50 ऑपरेटरों ने रेलवे के इस महत्वाकांक्षी स्पेशल सर्किट प्रोजेक्ट से जुड़ने में दिलचस्पी दिखाई है।