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नई समय सारिणी बना रहा है भारतीय रेलवे, अब कम स्टेशनों पर रुकेंगी ट्रेनें

Sun, 05 Jul 2020 08:22 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 05 Jul 2020 08:22 AM IST
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Indian Railways preparing zero based timetable for all likely to see cut in number of halts and trains
भारतीय रेलवे (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में रेलवे का संचालन उस तरीके से नहीं हो रहा है जिसके लिए इसे महामारी से पहले जाना जाता था। इसी बीच रेलवे ट्रेनों के संचालन के लिए एक नई योजना बना रहा है। रेलवे सभी ट्रेनों के लिए जीरो-बेस्ड (शून्य आधारित) टाइमटेबल (समय सारिणी) बना रहा है। इसका मतलब है कि सभी ट्रेनों का शेड्यूल और उनकी फ्रीक्वेंसी एक बार में तैयार की जाएगी।

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सूत्रों ने बताया कि रेलवे की योजना है कि वह अपनी सभी मेल, एक्सप्रेस और कुछ अन्य ट्रेनों के हॉल्ट (गंतव्य पर पहुंचने से पहले बीच में रुकने वाले स्टेशन) को कम करना चाहता है, जिससे कि गंतव्य तक पहुंचने में ट्रेनों की यात्रा समय को कम किया जा सके। इस हफ्ते की शुरुआत में, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने कहा था कि कोरोना वायरस महामारी के कारण फैसले पर अमल करने में देरी हुई है, लेकिन इसे लागू किया जाएगा।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि कुछ मामलों में एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के स्टॉपेज बाद में तय किए जाएंगे। इससे पहले अधिकारी इस बात का आकलन करेंगे कि जिन स्टेशनों को हॉल्ट से हटाने की योजना है उनसे कितने यात्री चढ़ते और उतरते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘हफ्ते में एक या दो बार चलने वाली कुछ ट्रेनों को रोकना आसान होगा। अतीत में कई हॉल्ट्स को राजनीतिक विचार-विमर्श के बाद मंजूरी मिली है।’
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यह भी पढ़ें- रेलवे ने रच दिया इतिहास, पहली बार सौ फीसदी ट्रेनों का समय पर हुआ संचालन


रेलवे का मानना है कि ट्रेनों को अपने गंतव्य पर पहुंचने से पहले अगर इन हॉल्ट्स को कम कर दिया जाता है तो ट्रेन यात्रा का समय कम हो जाएगा। ऐसे में वे लंबी दूरी तक नॉन-स्टॉप दौड़ पाएंगी। रेलवे बोर्ड प्रमुख ने कहा था कि निजी कंपनियों द्वारा संचालित की जाने वाली 151 ट्रेनें भी जीरो-बेस्ड समय सारिणी ट्रेनों का हिस्सा होंगी।

इसी बीच रेलवे के कुछ अधिकारियों ने बताया कि रेल मंत्रालय को निजी ऑपरेटरों के लिए समय सारिणी तय करते हुए ध्यान रखना होगा। एक अधिकारी ने कहा, ‘यह एयर इंडिया की तरह नहीं होना चाहिए कि हम निजी कंपनियों को उनके सबसे पसंदीदा समय पर ट्रेन चलाने की अनुमति दे दें।’

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