रेलवे ने बढ़ाए प्लेटफॉर्म टिकटों के दाम, अब खर्च करने पड़ेंगे 30 से 50 रुपये तक, ऐसे बचा सकते हैं ये रकम
अगर रेलवे को स्टेशन से भीड़ कम करना है तो यात्रियों को सुविधा देनी होगी। जैसे एयरपोर्ट पर एक निश्चित सीमा के बाद पैसेंजर को छोड़कर अन्य लोगों को आगे जाने की अनुमति नहीं होती ठीक उसी तरह का एक मैकेनिज्म (तंत्र) रेलवे को तैयार करना होगा...
अगर रेलवे को स्टेशन से भीड़ कम करना है तो यात्रियों को सुविधा देनी होगी। जैसे एयरपोर्ट पर एक निश्चित सीमा के बाद पैसेंजर को छोड़कर अन्य लोगों को आगे जाने की अनुमति नहीं होती ठीक उसी तरह का एक मैकेनिज्म (तंत्र) रेलवे को तैयार करना होगा...
विस्तार
भारतीय रेलवे ने कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म टिकटों की कीमत तीन से पांच गुना तक बढ़ा दी है। प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाने के पीछे रेलवे ने कोरोना संक्रमण के चलते प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम करने का हवाला दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाए जाने के बजाए रेलवे अपनी व्यवस्था में बदलाव कर स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रित कर सकता है।
रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुबोध जैन ने अमर उजाला से चर्चा में कहा, अगर रेलवे को स्टेशन से भीड़ कम करना है तो यात्रियों को सुविधा देनी होगी। जैसे एयरपोर्ट पर एक निश्चित सीमा के बाद पैसेंजर को छोड़कर अन्य लोगों को आगे जाने की अनुमति नहीं होती ठीक उसी तरह का एक मैकेनिज्म (तंत्र) रेलवे को तैयार करना होगा।
वहीं प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के सामान की सुरक्षा तय होनी चाहिए। इसके अलावा ट्रेनों के कोच नंबर और प्लेटफॉर्म बार-बार नहीं बदले जाने चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी न हो। स्टेशनों पर वेंडर, ठेकेदार, कैटरिंग, सफाई कर्मचारी, पार्सल वाले और प्लेटफॉर्म पर दुकान के कर्मचारियों की भीड़ होती है। इन सभी के लिए एक नीति और अनुशासन होना चाहिए।
नाम न छापने के अनुरोध पर एक डीआरएम ने अमर उजाला से कहा, स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रण करने के लिए रेलवे को अपने सिस्टम को विकसित करना होगा। जिससे स्टेशन के बाहर ही भीड़ को रोका जा सके। मल्टीपल एंट्री के बजाए पैसेंजर की चुनिंदा गेट से ही प्रवेश हो ताकि उनके साथ आने वाले लोगों को गेट पर ही रोका जा सके। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर वेंडर, ठेकेदार, कुली, कैटरिंग वालों की संख्या को सीमित करना चाहिए।
उन्होंने कहा, नियमित ट्रेनों की संख्या बढ़ने से सभी स्टेशनों पर यात्रियों की तादाद बढ़ने लगी है। कई स्टेशनों से लोकल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को रोकने और उनकी पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के लिए रेलवे के पास भी पर्याप्त सुविधा और कर्मचारी भी नहीं है। इसलिए यात्रियों के साथ आने वाले लोगों और अन्य गैर-जरूरी लोगों को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट के रेट बढ़ाए हैं। लेकिन यात्री अपने साथ अनावश्यक लोगों को न लाकर प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ने से रोक सकते हैं और ये रकम बचा सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि, प्लेटफॉर्म टिकट के बढ़े रेट हमेशा के लिए नहीं हैं। अभी तक स्टेशनों से बहुत ही कम ट्रेनें चल रही थीं, तो हम प्लेटफॉर्म और स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित कर पा रहे थे। स्टेशन के बाहर ही यात्रियों के टिकट चेक कर लेते थे, जिससे स्टेशन के अंदर भीड़ नहीं बढ़ती थी। गैर-जरूरी व्यक्तियों की स्टेशन पर एंट्री ही नहीं होती थी।
ये कहना है रेलवे का
प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाए जाने के बाद रेलवे ने सफाई भी दी है। रेलवे का कहना है कि स्टेशनों पर भीड़ का नियमन और नियंत्रण डीआरएम की जिम्मेदारी है। कोरोना वायरस के चलते स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए रेलवे ने यह कदम उठाया है। प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाना एक अस्थाई कदम है जो यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
रेलवे के मुताबिक जमीनी स्थिति का आकलन करने के बाद समय-समय पर प्लेटफॉर्म टिकट शुल्क में वृद्धि की जाती है और इसकी जिम्मेदारी डीआरएम को सौंप दी गई है। लोगों की ज्यादा भीड़ रेलवे स्टेशनों पर न आए, इसलिए समय-समय पर प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाए जाते रहे हैं, ऐसा सिर्फ कुछ समय के लिए किया जाता है, इसमें कुछ भी नया नहीं है।
प्लेटफॉर्म टिकट दो घंटे के लिए वैध होता है। यदि आप रेलवे प्लेटफॉर्म पर अपने किसी संबंधी को छोड़ने या लेने जा रहे हैं तो प्लेटफॉर्म टिकट लेने के समयानुसार दो घंटे तक प्लेटफॉर्म पर रुकने की अनुमति मिलती है। इसके बाद जुर्माना देना पड़ सकता है।
पांच गुना तक बढ़ गए टिकट के रेट
भारतीय रेलवे ने पांच मार्च से प्लेटफॉर्म टिकट उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। यात्रियों को अब इसके लिए पहले से तीन से पांच गुना ज्यादा कीमत देकर प्लेटफॉर्म टिकट खरीदने होंगे। जो प्लेटफॉर्म टिकट 10 रुपये में उपलब्ध था, उसे दिल्ली के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर 30 रुपये देकर खरीदना होगा। इसी तरह मुंबई में भी प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ चुके हैं। यहां एक प्लेटफॉर्म टिकट के 50 रुपये देने पड़ रहे हैं।