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देश में जल्द चलेंगी 44 नई वंदे भारत ट्रेन, चीनी ज्वाइंट वेंचर भी शामिल
Sat, 11 Jul 2020 12:48 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sat, 11 Jul 2020 12:48 AM IST
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वंदे भारत ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय रेलवे अधिकारियों ने शुक्रवार को खुलासा किया कि महत्वाकांक्षी सेमी हाई स्पीड स्वदेशी ट्रेन- 18 परियोजना के लिए चीन के स्वामित्व वाली सीआरआरसी कॉर्पोरेशन वैश्विक निविदा में बोली लगाने वाली एकमात्र विदेशी कंपनी के रूप में उभरा है। अधिकारियों के मुताबिक इसके लिेए कुल छह कंपनियों ने बोली लगाई है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार यह निविदा 44 वंदेभारत ट्रेन की विद्युतकर्षण किट या प्रणोदन प्रणाली की खरीद के लिए जारी की थी।
बता दें कि गुरुग्राम की सीआरआरसी पॉयनीयर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड भी बोली लगाने वाली कंपनियों में से एक है। यह चीन की सरकार के स्वामित्व वाली सीआरआरसी कॉरपोरेशन लिमिटेड का संयुक्त उद्यम है। वहीं इसके अलावा इन कंपनियों में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), इलेक्ट्रोवेव्स इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई की पॉवरनेटिक्स इक्विमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और हैदराबाद की मेधा ग्रुप शामिल हैं।
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बता दें कि गुरुग्राम की सीआरआरसी पॉयनीयर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड भी बोली लगाने वाली कंपनियों में से एक है। यह चीन की सरकार के स्वामित्व वाली सीआरआरसी कॉरपोरेशन लिमिटेड का संयुक्त उद्यम है। वहीं इसके अलावा इन कंपनियों में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), इलेक्ट्रोवेव्स इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई की पॉवरनेटिक्स इक्विमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और हैदराबाद की मेधा ग्रुप शामिल हैं।
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मालूम हो कि यह निविदा भारतीय रेल की चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) ने पिछले साल 22 दिसंबर को जारी की थी। जिसे शुक्रवार को खोला गया। इन ट्रेनों के लिए यह इस तरह की तीसरी निविदा है। यह निविदा ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत ट्रेन-18 के विभिन्न उपकरण, कोच इत्यादि की खरीद के लिए निकाली गयी है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले साल पेश पहली ट्रेन-18 पर 100 करोड़ रुपये व्यय किए गए जिसमें से 35 करोड़ रुपये सिर्फ प्रणोदन प्रणाली पर खर्च हुए। मौजूदा निविदा इस तरह की 44 किट के लिए है जिसका मूल्य करीब 1,500 करोड़ रुपये है।
खास बात यह है कि ट्रेन निर्माण करने वाली प्रमुख कंपनी बॉम्बारडियर, एल्स्टॉम, सीमेंस, सीएएफ, टैल्गो और मित्शुबिशी ने इस निविदा में हिस्सा नहीं लिया। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि हमें ट्रेन सेट के लिए छह कंपनियों की ओर से बोलियां मिली हैं।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले साल पेश पहली ट्रेन-18 पर 100 करोड़ रुपये व्यय किए गए जिसमें से 35 करोड़ रुपये सिर्फ प्रणोदन प्रणाली पर खर्च हुए। मौजूदा निविदा इस तरह की 44 किट के लिए है जिसका मूल्य करीब 1,500 करोड़ रुपये है।
खास बात यह है कि ट्रेन निर्माण करने वाली प्रमुख कंपनी बॉम्बारडियर, एल्स्टॉम, सीमेंस, सीएएफ, टैल्गो और मित्शुबिशी ने इस निविदा में हिस्सा नहीं लिया। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि हमें ट्रेन सेट के लिए छह कंपनियों की ओर से बोलियां मिली हैं।