फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian origin Scientist found a way to avoid brain cancer, the activities of cancer cells will slow down

उपलब्धि: भारतीय मूल की वैज्ञानिक ने खोजा ब्रेन कैंसर से बचाव का रास्ता, धीमी होंगी कैंसर सेल्स की गतिविधियां

Sat, 20 May 2023 07:26 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, तिरुवनंतपुरम।
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम। Published by: देव कश्यप Updated Sat, 20 May 2023 07:26 AM IST
सार

विज्ञान शोध पत्रिका नेचर में प्रकाशित इस शोध के नतीजों से कैंसरग्रस्त ब्रेन ट्यूमर के इलाज में बड़ा बदलाव होगा। इसे खासतौर पर ग्लियोब्लास्टोमा कैंसर रोगियों के इलाज के लिहाज से महत्वपूर्ण खोज माना जा रहा है।

विज्ञापन
Indian origin Scientist found a way to avoid brain cancer, the activities of cancer cells will slow down
भारतीय मूल की वैज्ञानिक सरिता कृष्णा। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के सैन फ्रांसिस्को मेडिकल सेंटर के विज्ञानियों के एक दल ने ब्रेन कैंसर की वजह से मौत को टालने और कैंसर के साथ जीवन को आसान बनाने का रास्ता खोज लिया है। भारतीय मूल की वैज्ञानिक सरिता कृष्णा के नेतृत्व मे किए गए शोध में पता चला है कि कैंसर कोशिकाएं स्वस्थ मस्तिष्क कोशिकाओं के साथ जुड़कर अतिसक्रिय हो जाती हैं, जो संज्ञानात्मक क्षमताओं की क्षति और मृत्यु का कारण बनती हैं।

विज्ञापन


विज्ञान शोध पत्रिका नेचर में प्रकाशित इस शोध के नतीजों से कैंसरग्रस्त ब्रेन ट्यूमर के इलाज में बड़ा बदलाव होगा। इसे खासतौर पर ग्लियोब्लास्टोमा कैंसर रोगियों के इलाज के लिहाज से महत्वपूर्ण खोज माना जा रहा है। यह सबसे घात मस्तिष्क कैंसर होता है। ग्लियोब्लास्टोमा कैंसर से पीड़ित रोगी अधिकतम 15 माह तक जीवित रह पाते हैं। मस्तिष्क में कैंसर कोशिकाएं संज्ञानात्मक क्षमताओं से जुड़े मस्तिष्क के हिस्से की सामान्य कोशिकाओं पर तेजी से हमला करती हैं, जिससे शुरुआत में व्यक्ति की संज्ञान क्षमताएं-सुनना, देखना, सूंघना, महसूस करने की क्षमता खत्म होती हैं और आखिर में मौत हो जाती है।
विज्ञापन


ट्यूमर को भी रोका जा सकेगा  
इस शोध की प्रमुख लेखक सरिता कृष्णा बताती हैं कि शोध के दौरान यह भी पता चला कि व्यापक तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली एंटी-सीजर दवा से दिमाग में कैंसर कोशिकाओं की तीव्र गतिविधियों को धीमा करते हुए, इनकी वृद्धि को रोका जा सकता है। कृष्णा बताती हैं कि शोध में सबसे अहम जानकारी यह सामने आई है कि स्वस्थ मस्तिष्क कोशिकाओं और कैंसर कोशिकाओं के बीच होने वाले संचार में हेरफेर कर ट्यूमर के विकास को धीमा करते हुए इसे बढ़ने से रोका भी जा सकता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


दिमाग को हाईजैक कर लेता है ट्यूमर
केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली कृष्णा ने बताया कि इस अप्रत्याशित खोज से पता चला है कि घातक कैंसर कोशिकाएं आसपास के मस्तिष्क के ऊतकों को हाईजैक कर उनका पुनर्गठन करती हैं। इससे पैदा होने वाली अतिसक्रियता की वजह से संज्ञानात्मक गिरावट होती है, जो रोगियों के जीवित रहने की अवधि को कम करती है।

गैबापेंटिन रोक सकती है मौत  
इस खोज के बाद उन्होंने ब्रेन ऑर्गेनोइड्स (मानव स्टेम कोशिकाओं से प्राप्त न्यूरॉन्स के छोटे बंडलों और मानव ग्लियोब्लास्टोमा कोशिकाओं के साथ जुड़े माउस मॉडल) का उपयोग करके ट्यूमर कोशिकाओं के व्यापक जैविक लक्षणों का अध्ययन किया।

  • इस अध्ययन में न्यूरोनल हाइपरएक्सिटैबिलिटी में थ्रोम्बोस्पोन्डिन-1 नामक  प्रोटीन की अहम भूमिका सामने आई, जो एंटी-सीजर दवा गैबापेंटिन के साथ मिलकर न्यूरोनल हाइपरएक्सिटैबिलिटी को कम कर ट्यूमर के विकास को रोक देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed